'सहारा' के ठिकानों से 135 करोड़ की नकदी जब्त
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आयकर विभाग ने सहारा समूह के दिल्ली और नोएडा स्थित दो ठिकानों पर छापेमारी में 135 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी जब्त की है। कर चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने एक करोड़ से ज्यादा के गहने भी जब्त किए हैं।
सूत्रों के मुताबिक नकदी को दिल्ली के एक सरकारी बैंक में जमा करा दिया गया है। आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक खुफिया जानकारी मिली थी कि इन ठिकानों पर बड़ी मात्रा में नकदी है। इसी के आधार पर 22 नवंबर को छापेमारी की कार्रवाई की गई थी।
आयकर विभाग केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के माध्यम से नकदी की जानकारी प्रवर्तन निदेशालय को दे सकता है ताकि फेमा कानून के तहत हवाला लेन देन की भी जांच की जा सके। सूत्रों ने बताया कि काले धन पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) को भी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
सहारा का दावा, जब्त राशि वैध पैसा
विभाग ने बताया कि नकदी के स्रोत की जानकारी देने के लिए सहारा समूह को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने सहारा समूह के खिलाफ मनी लांड्रिंग (काले धन को वैध बनाना) का मामला दर्ज किया था।
सहारा समूह ने सफाई देते हुए कहा है कि जब्त की गई नकदी के बारे में गलत जानकारी दी जा रही है। हालांकि जितना भी पैसा जब्त किया गया है, वह कंपनी का वैध पैसा है।
समूह के प्रवक्ता ने कहा, "पिछले एक साल से हमारी सभी संपत्तियों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है और करीब 20 महीनों से हमारे खाते सील हैं। सील खातों की पूरी राशि सेबी को दी जा चुकी है। ऐसे में आपात स्थिति से निपटने के लिए कंपनी ने नकदी इकट्ठा कर रखी थी।"
सहारा के प्रवक्ता ने कहा, "मौजूदा परिस्थितियों में हम इतने बड़े संगठन को बहुत ही मुश्किल से चला पा रहे हैं। इसलिए कई तरह की जरूरतों को पूरा करने और आपात स्थिति के मद्देनजर नकद राशि रखी गई थी। बैंक से बड़ी राशि मिलना बहुत ही मुश्किल है और सेबी कौन सा खाता सील कर देगी, यह भी हमें नहीं पता।"