फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   rahul will not revolutionize change in congress

कांग्रेस में तत्काल क्रांतिकारी बदलाव नहीं करेंगे राहुल

Fri, 01 Feb 2013 09:49 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 01 Feb 2013 09:49 PM IST
विज्ञापन
rahul will not revolutionize change in congress

अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस के ढांचे में बदलाव को एक ही झटके में अमलीजामा नहीं पहनाएंगे। राहुल ने साफ कहा है कि बेशक कांग्रेस को नए जमाने की चुनौतियों के हिसाब से काफी कुछ बदला जाएगा, मगर यह बदलाव धीरे-धीरे होगा।

विज्ञापन


राहुल के इस रुख से साफ है कि कम से कम अगले लोकसभा चुनाव तक कांग्रेस अपने ढांचे में किसी क्रांतिकारी बदलाव से परहेज करेगी। वैसे राहुल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस में अब ओहदे या जिम्मेदारी देने के साथ ही जवाबदेही भी तय कर दी जाएगी।
विज्ञापन


आम चुनाव से लेकर इस साल होने वाले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में पार्टी की तैयारियों की जमीनी हकीकत से रूबरू होने के लिए राहुल गांधी ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन कांग्रेस के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ लंबी बैठक की।
विज्ञापन
विज्ञापन


बैठक में तमाम पदाधिकारियों ने पार्टी संगठन की खामियों पर अपनी राय जाहिर करते हुए बदलाव की बात कही। सबकी बातें सुनने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि संगठन में बदलाव सोच-समझकर और सबको साथ लेकर किया जाएगा। पार्टी संगठन में परिवर्तन में वक्त लग सकता है।

उनका कहना था कि कोई भी बदलाव सबको सुनने-समझने के बाद ही होगा। साथ ही राहुल ने व्यवस्था की खामियों को दूर करने पर बल दिया। चुनाव में जीत हार से लेकर तमाम अहम मामलों में दिग्गजों की जिम्मेदारी तय नहीं होने को लेकर भी बैठक में सवाल उठे। इस पर राहुल ने कहा कि उत्तरदायित्व के साथ ही जवाबदेही तय होगी। यह सिस्टम वे जरूर लागू करेंगे।

संगठन के फैसले में वक्त लेने की बात करते हुए राहुल ने कहा कि चुनावी सियासत से जुड़े फैसले जल्दी लिए जाएंगे। कई सचिवों ने कामकाज का मौका नहीं मिलने की शिकायत की तो राहुल ने बीच-बीच में टोकते हुए कहा कि वे सुनिश्चित करेंगे कि सबको उचित मौका मिले। साथ ही काम करने वालों का मूल्यांकन करने की बात से भी उन्होंने सहमति जताते हुए अंदरूनी मानिटरिंग की राय जाहिर की।

पार्टी सचिव अशोक तंवर ने अहम मुद्दों और संगठन में असमंजस की स्थिति साफ करने की बात उठाई तो अनीस दुरानी ने अल्पसंख्यकों के मामले उठाए। राहुल ने सबको केवल संगठन के मामले तक सीमित रहने की नसीहत दी।


उन्होंने कहा कि अन्य मसलों पर अगली बैठकों में चर्चा होगी। बैठक में तेलंगाना मुद्दे पर गुलाम नबी आजाद के सिर ठीकरा फोड़ रहे सचिव सुधाकर रेड्डी को बीच में रोकते हुए राहुल ने कहा कि संवेदनशील मसले पर जल्दबाजी में निर्णय नहीं होते। बैठक में मौजूद 49 पदाधिकारियों में से 13 को बोलने का मौका मिला। पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि चूंकि चर्चा अधूरी होने की वजह से बैठक सोमवार को भी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed