{"_id":"f9f5d0b8-9d0f-11e2-b06d-d4ae52bc57c2","slug":"rahul-uttered-nothing-on-inflation-and-growth-in-cii-meeting","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार बातें, जिन पर नहीं बोले राहुल गांधी ","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
चार बातें, जिन पर नहीं बोले राहुल गांधी
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 04 Apr 2013 03:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय उद्योग परिसंघ की बैठक में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने समावेशी विकास और आधारभूत ढांचें के विकास की बात जोरदार तरीके से उठाई लेकिन महंगाई, विकास दर और लोकसभा चुनाव के बाद गठबंधन की मुद्दे पर वह कुछ नहीं बोले।
विज्ञापन
कांग्रेस में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की गुत्थी को और उलझाते हुए उन्होंने कहा कि शादी करने और प्रधानमंत्री बनने जैसे सवाल अप्रासंगिक हैं।
शादी और प्रधानमंत्री बनने का सवाल गैर जरूरी: राहुल
सत्ता के दो केंद्र के मुद्दे पर कांग्रेस के अंदर चल रही बहस पर राहुल ने कोई टिप्पणी नहीं की। जायजा लेते हैं, उन मुद्दों का, जो राहुल के भाषण से गायब रहे-
विज्ञापन
विकास दर
सीआईआई की बैठक में बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश की विकास दर 8 फीसदी पर लाने का वादा किया था।
उन्होंने कहा था कि 5 फीसदी की मौजूदा विकास दर को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि राहुल गांधी ने विकास दर के मुद्दे पर कोई बात नहीं कही। हिंदू ग्रोथ रेट का जिक्र कर उन्हें विकास दर की ओर संकेत जरूर किया।
'नरेंद्र मोदी से डर गए हैं राहुल गांधी'
विज्ञापन
उन्होंने कहा पहले भारत में हिंदू ग्रोथ रेट होने की बात की जाती रही है लेकिन आज यूरोप इस समस्या का शिकार है।
महंगाई
राहुल ने अपने भाषण में गरीबों को विकास की प्रक्रिया से जोड़ने और युवाओं को रोजगार देने की बात की लेकिन महंगाई के सवाल पर वह कुछ नहीं बोले।
महंगाई दर 10 फीसदी के आसपास होने के बाद भी उद्योगपतियों के सम्मेलन में राहुल गांधी ने इसकी चर्चा नहीं की।
गठबंधन की राजनीति
देश के प्रमुख उद्योगपतियों के बीच राहुल गांधी ने जोरदार तरीके से कहा कि समावेशी विकास और उद्योगपतियों को बेहतर ढांचा उपलब्ध कराने में कांग्रेस ही सक्षम है।
2014 लोकसभा चुनाव के बाद सत्ता में आने के लिए कांग्रेस मौजूदा गठबंधन में नए दलों को शामिल करेगी या नहीं, राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर भी कुछ नहीं कहा।
सत्ता के दो केंद्र
सत्ता के दोहरे केंद्र के मुद्दे पर कांग्रेस के अंदर हो रही बहस पर राहुल गांधी ने अपनी राय नहीं दी। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के सवाल को अप्रासंगिक बताकर प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की गुत्थी को जरूर उलझा दिया।
पांच बातें, राहुल ने सीआईआई की बैठक में कहीं
गौरतलब है कि पिछले दिनों राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाए जाने के वकालत करते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा था कि सत्ता में दो केंद्र होने के मॉडल ने ठीक ढंग से काम नहीं किया। सत्ता के दो केंद्र नहीं होने चाहिए।