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राहुल के नेतृत्व को मिलेगी चुनौती: फोतेदार

Sun, 25 Oct 2015 09:44 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 25 Oct 2015 09:44 PM IST
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'Rahul to get tough competition within Congress'

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के करीबी रह चुके वरिष्ठ कांग्रेस नेता माखनलाल फोतेदार ने राहुल गांधी की नेतृत्व योग्यता पर सीधे सवाल खड़े किए हैं।

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उन्होंने कहा कि यह सिर्फ देखने वाली बात होगी कि पार्टी के भीतर राहुल और सोनिया को कब चुनौती मिलती है। फोतेदार ने अपनी किताब 'द चिनार लीव्ज' में कहा है कि राहुल अपने पिता राजीव गांधी की तरह ही एक असहज राजनेता हैं और उनकी अपनी सीमाएं हैं।
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राहुल को उनके पिता राजीव की तरह नेतृत्व के लिए तैयार नहीं किया गया है। राजीव को खुद इंदिरा गांधी ने कांग्रेस की बागडोर संभालने के लिए तैयार किया था। केंद्र में मंत्री रह चुके फोतेदार ने सोनिया की भी आलोचना की है।
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उनका कहना है कि कई खूबियों के बावजूद राजनीतिक प्रबंधन सोनिया के वश की नहीं है। राहुल को आगे बढ़ाने की उनकी दीवानगी ने पार्टी में मुसीबतें खड़ी कर दी है।

राहुल के कांग्रेस का नेतृत्व संभालने की अटकलों के बीच फोतेदार ने अपनी किताब में कहा है कि राहुल में एक खास तरह का अड़ियलपन है और नेता बनने की उनकी प्रेरणा बहुत ज्यादा मजबूत नहीं है।

देशवासियों को राहुल का नेतृत्व नामंजूर

'Rahul to get tough competition within Congress'

फोतेदार ने अपनी किताब में साफ कहा है कि देश के लोगों को राहुल का नेतृत्व मंजूर नहीं है। सोनिया गांधी ने राहुल के समर्थन में अपने सबसे अच्छे वर्ष दे दिए हैं। इस समय पार्टी को दिशा देने वाला कोई नहीं है। पार्टी सीखना नहीं चाहती है।

फोतेदार ने लिखा है कि चूंकि सोनिया गांधी को पार्टी में कोई चुनौती नहीं है इसलिए इसे नए तरीके से चलाने की जिम्मेदारी भी उनकी है।

राहुल गांधी पर दोष मढ़ना एक तरह से कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी और पर थोपने जैसा है। यह जिम्मेदारी वैसे व्यक्ति पर थोपने जैसा है, जिसने अभी तक अपना नेतृत्व कौशल साबित नहीं किया है।

फोतेदार ने किताब में लिखा है इतिहास एक बार फिर दोहराने की चेतावनी दे रहा है। अब यह सिर्फ देखने वाली बात होगी सोनिया जी और राहुल जी के नेतृत्व को पार्टी के अंदर चुनौती कब मिलती है।

मैं इस बात पर नजदीकी नजर रखूंगा कि वे इस चुनौती से कैसे निपटते हैं क्योंकि सोनिया इंदिरा नहीं हैं और राहुल संजय नहीं।

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