हार से आजिज राहुल की महासचिवों को दो टूक
लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनावों के सिलसिलेवार खराब प्रदर्शन से त्रस्त कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के सभी महासचिवों को जमीन पर उतरने का आदेश दिया है।
जम्मू-कश्मीर और झारखंड के चुनाव नतीजों के बाद राहुल ने बुधवार को महासचिवों और अग्रिम संगठनों के प्रमुखों की बैठक बुलाई। बैठक में राहुल ने फरमान जारी किया कि वे सभी जिलों और ब्लॉक स्तर पर जा कर कमजोर पड़ रही पार्टी के पराजय के कारणों की समीक्षा करें।
राहुल ने सभी महासचिवों और अग्रिम संगठनों के प्रमुखों से फरवरी 2015 तक रिपोर्ट देने को कहा है। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने कहा कि पार्टी हाईकमान इन रिपोर्टों के आधार पर संगठन में बदलाव की शुरुआत करेगा।
'जमीन पर उतर कर काम करें पार्टी महासचिव'
शकील अहमद के मुताबिक राहुल ने खुद पिछले दो महीने में पार्टी से जुड़े करीब चार सौ लोगों से दिल्ली में मुलाकात की। वह अपने स्तर पर कमजोर पड़ रही पार्टी की चुनौतियों का असली कारण जानना चाह रहे थे।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि इन्हीं मुलाकातों के आधार पर राहुल ने सभी को जमीनी स्तर पर उतर कर काम करने की जरूरत पर जोर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक आधारभूत स्तर पर पार्टी से जुड़े ज्यादातर लोग कांग्रेस के मूल सिद्धांतों के प्रति जागरूक नहीं हैं। इस बात पर पार्टी हाईकमान ने नाराजगी भी जाहिर की है।
राहुल ने महासचिवों से कहा है कि वे जिला और ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस के कैडर से बातचीत करें और उनकी बात सुनें। राहुल ने बैठक में जमीनी स्तर पर पार्टी की पहुंच बढ़ाने और राज्य और जिला स्तर की समस्याओं को जल्द सुलझाने का फरमान भी जारी किया है।