राहुल ने चला ऐसा दांव, चित हो गई सरकार
घर वापसी के बाद राहुल गांधी लोकसभा में बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। एक बार फिर उन्होंने अपने सियासी दांव से सरकार को लोकसभा में बोल्ड कर दिया।
राहुल ने किसी मंझे हुए राजनीतिज्ञ की तरह सरकार पर ऐसा दांव फेंका कि सरकार के मंत्री भी उसे भांप नहीं पाए। शून्यकाल के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से टाइम मैगजीन में लिखे गए लेख में मोदी की तारीफ को सराहा, लेकिन अंत में अमेरिकी राष्ट्रपति की इस तारीफ की तुलना यूएसएसआर के पूर्व राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाच्योव से कर दी। यह वही गोर्बाच्योव हैं जिनके कार्यकाल में यूएसएसआर का विघटन हुआ था और इसके पीछे अमेरिकी हाथ बताया जाता है।
गोर्बाच्योव से कर दी तुलना
हैरानी इस बात पर हुई की राहुल के इस सियासी दांव पर भाजपा के मंत्री पलटवार नहीं कर सके। जवाब में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल के मुंह से पीएम की तारीफ को अच्छी बात बताया।
राहुल बोले, जो मैं कहने जा रहा हूं वह सुनकर आपको अच्छा लगेगा। मैं कल रात कांग्रेस अध्यक्ष के घर पर था। वहां टाइम मैगजीन देखी। उसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी जी की तारीफ की। काफी लंबा लेख लिखा।
यहां राहुल ने कटाक्ष किया कि दुनिया के सबसे बड़े उद्योग अमेरिका में हैं और 60 साल में पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री की ऐसी तारीफ की। यहां से उन्होंने जो गुगली फेंकी वह सरकार को चकराने के लिए काफी थी।
भाजपा के मंत्री नहीं कर पाए पलटवार
राहुल ने सिर्फ एक लाइन कही शायद गोर्बाच्योव के बाद ऐसी प्रशंसा अमेरिका ने और किसी की नहीं की। स्पीकर सुमित्रा महाजन ने उन्हें टोका और कहा वह विषय पर आएं।
सरकार की ओर से एक सांसद की आवाज आई गोर्बाच्योव तो रूसी थे, तब राहुल ने दांव खेला और कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति गोर्बाच्योव की प्रशंसा करते थे, क्यों कि गोर्बाच्योव जी ने अमेरिका की मदद की थी। इतना कहने के बाद वह अपने विषय नेट न्यूट्रालिटी पर बोले।
उम्मीद यही की जा रही थी कि राहुल के इस सियासी दांव पर सरकार जबरदस्त पलटवार करेगी, लेकिन जवाब में रविशंकर प्रसाद या अन्य कोई मंत्री राहुल के इस दांव पर जवाबी हमला नहीं बोल सका।