राहुल की बढ़ती छुट्टियों से घट रही ताजपोशी की संभावना
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बढ़ती छुट्टियों से उनकी कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी की संभावनाएं घट रही हैं। सोनिया गांधी के नजदीकी लोगों का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष को अब लगने लगा है कि छुट्टी से आने के बाद राहुल को अगर तुरंत कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाता है तो पार्टी के अंदर विरोध के सुर उठ सकते है।
लिहाजा, पार्टी हाईकमान फिलहाल राहुल की ताजपोशी टाल सकता है। पार्टी के कई नेता भी अब अंदरखाने मीडिया से कहने लगे है कि राहुल का कोई अता-पता नहीं होने की वजह से पार्टी के अंदर काफी असंतोष है, इसलिए अप्रैल में राहुल के प्रमोशन को लेकर संदेह है।
राहुल गांधी छुट्टी से कब वापस लौटेंगे। कांग्रेस के किसी नेता के पास कोई जवाब नहीं है। 23 फरवरी को जब कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से राहुल के छुट्टी लेने की बात कही गई थी तो तब दो हफ्ते की छुट्टी की बात कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर कही थी। मगर अभी तक राहुल वापस नहीं लौटे हैं।
संसद के बजट सत्र का पहला खंड बीत चुका है। मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर कांग्रेस आंदोलन कर रही है। मगर राहुल गायब हैं। सोनिया गांधी को संसद से लेकर सड़क तक उतरना पड़ रहा है।
इस महीने वापिस नहीं आए तो हो सकती है बगावत
राहुल की भरपाई करने के लिए सोनिया बेमौसम बारिश से नुकसान उठाने वाले किसानों से मिलने राज्यों के दौरे पर जा रही हैं। पार्टी के नेता कह रहे है कि इन सब बातों से पार्टी के अंदर नेताओं में बेहद गुस्सा है। भले ही कोई खुलकर कह नहीं रहा। मगर हाईकमान को इस गुस्से की भनक लग गई है।
लिहाजा, अप्रैल में ताजपोशी की संभावना मुश्किल लग रही है। अभी कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में अजित जोगी के यह कहने की बात सामने आई थी कि अगर राहुल को अध्यक्ष बनाया जाता है तो वह पार्टी छोड़ देंगे।
जोगी ने हालांकि बाद में इसका खंडन कर दिया था। पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि अगर इस महीने राहुल वापस नहीं आते तो पार्टी में उनके खिलाफ बगावत के सुर उठ जाए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी।