राहुल को घेरने के लिए ये है BJP का प्लान
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भ्रष्टाचार निरोधी छह विधेयकों को अपना एजेंडा बताने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भाजपा ने पलटवार किया है।
भाजपा ने कहा कि पिछले एक दशक से भ्रष्टाचार के खिलाफ संसद के भीतर व बाहर एक शब्द भी नहीं बोलने वाले राहुल अब चुनाव निकट देखकर दावा रहे हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का मुद्दा कांग्रेस का है।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने एक सुर में राहुल के इस दावे को खारिज कर दिया।
'सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली'
सुषमा स्वराज ने राहुल की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम पर वार करते हुए कहा कि वास्तव में राहुल ‘सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’ कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार का शासन भ्रष्टाचार से भरा रहा, लेकिन राहुल कभी भी उसके खिलाफ नहीं बोले।
सरकार की भ्रष्टाचार निरोधी विधेयकों को लेकर अध्यादेश जारी करने के फैसले का समर्थन करने के मुद्दे पर सुषमा ने कहा कि अब इसका कोई मतलब नहीं है, क्योंकि 15वीं लोकसभा का अंतिम सत्र समाप्त हो चुका है और अब इसका अब कोई सत्र नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा करती है तो अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी लेनी होगी। अब चुनाव आदर्श संहिता भी लागू होने वाली है। इसके बाद इन बिलों को लेकर नई सरकार के रुख पर सभी कुछ निर्भर करेगा।
संसद के अंदर और बाहर चुप क्यों थे राहुल?
राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि पिछले एक दशक के दौरान 2जी, कोलगेट, राष्ट्रमंडल खेल से लेकर अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले हुए। लेकिन किसी ने भी राहुल को इस घोटालों को लेकर एक शब्द बोलते नहीं सुना। संसद में तो वे बोलते ही नहीं थे, जबकि बाहर भी उन्होंने कभी इन घोटालों के बारे में कुछ नहीं बोला।
15वीं लोकसभा के अंतिम सत्र के समापन के बाद दोनों नेताओं ने शनिवार को एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि राहुल की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम में शामिल होने की उनकी दावेदारी ‘ईमानदार’ नहीं है।
हंगामे के लिए याद रखी जाएगी लोकसभा
जेटली ने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम में राहुल सबसे देर से शामिल हुए हैं। जेटली ने पूछा कि राहुल तब खामोश क्यों थे जब 2जी स्पेक्ट्रम, कोल ब्लॉक, राष्ट्रमंडल खेल, आदर्श हाउसिंग सोसायटी और अगस्ता वैस्टलैंड हेलीकॉप्टर जैसे घोटाले सामने आ रहे थे।
सुषमा ने कहा कि यह लोकसभा हंगामे के लिए याद रखी जाएगी। भाजपा के हंगामे को न्यायोचित बताते हुए सुषमा ने कहा कि विपक्ष ने सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए हंगामा किया, जबकि सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने इसलिए हंगामा किया, क्योंकि कांग्रेस और उसके नेतृत्व का अपने सांसदों पर नियंत्रण नहीं रह गया था।