छुट्टी से लौटे राहुल, जानिए आखिर गए कहां थे?
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राहुल गांधी भारत आ चुके हैं और वह जल्दी ही जनता के सामने आएंगे, लेकिन एक बदले रूप में।
राहुल के शुरुआती राजनीतिक दिनों में जो लोग उनके भीतर स्वर्गीय राजीव गांधी की छवि तलाशते थे, उनकी यह तलाश अब पूरी होती नजर आ सकती है। राहुल के जनता के सामने प्रभावशाली तरीके से आने की रणनीति दस जनपथ में बेहद गुप्त रूप से बन रही है।
19 अप्रैल की किसान रैली और 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती समारोह के अलावा भी कुछ विकल्पों पर विचार चल रहा है। मुमकिन है कि 15 अप्रैल को सामने आ जाएं। यह कहना है कांग्रेस में दस जनपथ के बेहद करीबी एक नेता का।
म्यांमार और बैंकॉक गए थे कांग्रेस के युवराज
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के जमाने से परिवार के बेहद निकट रहे इस नेता के मुताबिक, राहुल नाराज होकर या रूठकर अज्ञातवास में नहीं गए बल्कि सोनिया और प्रियंका गांधी को विश्वास में लेकर अपनी कायापलट की योजना के तहत घर से बाहर गए।
अज्ञातवास में राहुल कहां गए, इसका जवाब चुप्पी से देने वाले इस कांग्रेसी नेता के मुताबिक, पिछले दस साल के अपने राजनीतिक जीवन पर विचार मंथन के साथ-साथ राहुल ने इस अज्ञातवास में बहुत कुछ सीखा भी है।
उन्होंने देश, पार्टी और परिवार के इतिहास के साथ आरएसएस के इतिहास को भी गंभीरता से समझा। अपने व्यक्तित्व, कार्यशैली, व्यवहार, भाषण शैली में कुछ जरूरी बदलाव करने की कवायद भी की है। पर्दे के पीछे की रणनीति में माहिर एक अन्य कांग्रेसी सूत्र के मुताबिक, राहुल म्यांमार और बैंकाक गए थे।
'छुट्टी पर मोबाइल-मेल से संपर्क में थे राहुल'
राजीव गांधी के जमाने से परिवार के करीबी एक अन्य कांग्रेसी के मुताबिक, अज्ञातवास के दौरान भी राहुल कुछ चुनिंदा लोगों के संपर्क में रहे। मोबाइल एसएमएस और ईमेल दोनों के जरिये उनसे संपर्क होता रहा है। कुछ अहम मसलों पर उन्होंने अपने निर्देश भी भेजे।
उन्होंने कुछ दिन विपश्यना (एक योग) भी की। हालांकि बाद में उन्होंने देश विदेश के तमाम राजनीतिक आर्थिक और सामाजिक चिंतकों से जरूरी विषयों और प्रासंगिक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
लेकिन राहुल दिल्ली में हैं या नहीं इस पर इनमें से किसी भी नेता ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। यह जरूर कहा कि वह दस जनपथ या 12 तुगलक लेन स्थित अपने घर पर नहीं हैं।