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अब नहीं दोहराया जाएगा राहुल का 'फॉर्मूला'

Mon, 18 Aug 2014 08:21 AM IST
धीरज कनोजिया/अमर उजाला, नई दिल्ली
धीरज कनोजिया/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 18 Aug 2014 08:21 AM IST
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Rahul plan Not be repeated in the Assembly elections

लोकसभा चुनाव की करारी हार के बाद अब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के चुनावी प्रयोगों को पार्टी विधानसभा चुनाव में आजमाने का जोखिम नहीं उठाना चाहती।

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लिहाजा, आगामी विधानसभा चुनावों में किसी भी सीट पर पार्टी में आंतरिक चुनाव के जरिए उम्मीदवार के चयन की प्रणाली यानी प्राइमरी को अपनाने नहीं जा रही है।

खुद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस प्रयोग को नहीं अपनाने की बात कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को कही है। हालांकि लोकसभा चुनाव के समय सभी सीटों पर पार्टी की ओर से पर्यवेक्षक भेज के सर्वेक्षण कर उम्मीदवार चयन करने के फॉर्मूले को विधानसभा चुनावों में अपनाया गया है।

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लोकसभा चुनाव में अपनाया गया था प्राइमरी फार्मूला

Rahul plan Not be repeated in the Assembly elections

सर्वेक्षण के काम की अगुवाई कर रहे कांग्रेस महासचिव मधुसूदन मिस्त्री ने चुनावी राज्यों के प्रभारियों को रिपोर्ट भी सौंप दी है। लोकसभा चुनाव में लगभग 16 सीटों पर राहुल गांधी ने प्राइमरी चुनाव के जरिए उम्मीदवार का ऐलान किया था।

इस प्रणाली के तहत पार्टी के अंदर बाकायदा पार्टी के नेताओं के बीच आपस में चुनाव हुआ। जो विजयी हुआ, उसे ही टिकट देने का ऐलान किया गया। तब राहुल को इस प्रयोग के लिए पार्टी के अंदर ही विरोध सहना पड़ा था।

उत्तर प्रदेश में बेनी प्रसाद वर्मा ने खुलेआम इस प्रणाली को पैसे के बल पर टिकट खरीदने का आसान तरीका बताया। अंदरखाने भी हाईकमान को इसे लेकर कई शिकायतें आई थी। कई जगह धरने प्रदर्शन भी हुए।

आगामी चुनाव में ये फॉर्मूला नहीं

Rahul plan Not be repeated in the Assembly elections

सूत्रों का कहना है कि इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनाव में प्राइमरी प्रणाली को लागू नहीं किया जाएगा।

लोकसभा चुनाव के समय मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में सभी सीटों पर सर्वेक्षण किया गया था। इस सर्वेक्षण के आधार पर चयन उम्मीदवार के अलावा सभी प्रदेश कांग्रेस इकाइयों की सिफारिश पर टिकट बांटी गई थी।

इस प्रक्रिया का भी कई नेताओं ने विरोध किया था। मगर इस प्रयोग को दोबारा आजमाया गया है। मिस्त्री ने हरियाणा, झारखंड, जम्मू कश्मीर और महराष्ट्र के सर्वेक्षण के नतीजे इन प्रदेश के प्रभारी महासचिवों को सौंप दिए है।

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