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राहुल की दो टूक, नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट नहीं

Wed, 26 Feb 2014 08:10 AM IST
Updated Wed, 26 Feb 2014 08:10 AM IST
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rahul not in favour of tickets for politicians' kin

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट देने के पक्ष में नहीं हैं। वह चाहते हैं कि कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट देने की परंपरा टूटे।

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कार्बी आंगलोंग स्पोर्ट्स एसोसिएशन के स्टेडियम में नौ स्वायत्त परिषदों के प्रतिनिधियों से बातचीत में राहुल ने कहा कि लोगों को अपना प्रतिनिधि चुनना चाहिए।
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उन्होंने इस दिशा में शुरुआत कर दी है। राहुल ने कहा, मैं चाहता हूं कि लोग अपना उम्मीदवार खुद चुनें और जनता उसे चुनाव जिताए।

उम्मीदवार चुनने के लिए नया प्राइमरी सिस्टम लागू

rahul not in favour of tickets for politicians' kin

राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी उम्मीदवार चुनने के लिए नया प्राइमरी सिस्टम लागू किया है। इसमें राजनीतिक पार्टी या उसका सहयोगी दल आतंरिक वोटिंग के जरिये उम्मीदवार चुनता है।

गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के लिए भी उम्मीदवार का चयन इसी प्रक्रिया के तहत हुआ है। इस प्रक्रिया के तहत देश के 16 लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी उम्मीदवारों का चयन हुआ है। गुवाहाटी लोक सभा सीट भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

पूर्वोत्तर के लोगों को खास सुरक्षा

rahul not in favour of tickets for politicians' kin

पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा के लिए नस्लभेदी विरोधी कानून लागू करने की मांग के बीच राहुल गांधी ने उन्हें पूरे देश में न्यूनतम अधिकार और सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।

कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र पूर्वोत्तर के लोगों को कम से कम कुछ ऐसे अधिकार और सुरक्षा मुहैया कराने की दिशा में काम कर रहा है, जो न सिर्फ मेघालय, त्रिपुरा और असम जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों में बल्कि पूरे देश में लागू होंगे।

असम में युवाओं से बातचीत के दौरान वे आंदोलनकारी भी शामिल थे, जो नई दिल्ली में अरुणाचल के युवक निडो तानियम की हत्या का विरोध कर रहे थे।

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विकेंद्रीकरण पर राहुल का जोर

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राहुल ने दीफू की अपनी सभा में जमीनी स्तर के लोगों को अधिकार और फंड देने की वकालत की है। वह इनका विकेंद्रीकरण के पक्ष में हैं।

दीफू में राहुल गांधी ने कहा कि एक विचार यह है कि सब कुछ दिल्ली से नियंत्रित होना चाहिए, जबकि दूसरा विचार यह है कि अधिकारों और फंड का विकेंद्रीकरण होना चाहिए।

राहुल ने कहा, यह कहा गया कि मैं महिलाओं को अधिकार देने की बात करता हूं। लेकिन मेरा पक्का मानना है कि महिलाओं, आदिवासियों, दलितों और शारीरिक तौर पर विकलांगों को अधिकारों में 50 फीसदी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

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