नेता प्रतिपक्ष बनने को तैयार नहीं राहुल
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर लोकसभा में प्रतिपक्ष का नेता बनने का दबाव बढ़ता जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और युवा बिग्रेड खुलकर राहुल को लोकसभा में विपक्ष का नेता बनाने की मांग करने लगे हैं। मगर राहुल हैं कि इसके लिए तैयार नहीं हो पा रहे हैं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने अपने करीबी नेताओं को संकेत दिए हैं कि वह इस जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं हैं और अभी संगठन के कामकाज में ही ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
राहुल के इन संकेतों को पार्टी के कई वरिष्ठ ठीक नहीं मान रहे हैं। कई नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी को आगे आकर जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। अब पीछे की बेंचो में बैठने के बजाय आगे की बेंच पर बैठकर नरेंद्र मोदी का सामना करने का वक्त आ गया है।
सोनिया-राहुल के अलावा कोई और न बने नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में चर्चा में आ रहे कांग्रेस नेताओं के नामों को छोड़ कर पार्टी के ज्यादातर नेता सोनिया और राहुल के अलावा किसी और को प्रतिपक्ष का नेता के रूप में देखना नहीं चाहते।
हालांकि कांग्रेस के सिर्फ 44 सीटों पर सिमटने के बाद उसे आधिकारिक तौर पर विपक्ष के नेता की कुर्सी मिलना मुश्किल माना जा रहा है। पार्टी को ये पद मिलना लोकसभा के नए स्पीकर और सरकार के रहमोकरम पर निर्भर है।
लेकिन पार्टी के नेताओं का मानना है कि सदन में पार्टी के नेता की हैसियत के जरिए वह सामने आकर सदन में पार्टी का नेतृत्व कर सकते हैं।
राहुल गांधी ले जिम्मेदारी
शुक्रवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी अपनी निजी राय देते हुए कहा कि राहुल गांधी को विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इससे पहले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी कह चुके हैं कि अब वक्त आ गया है कि राहुल को विपक्ष का नेता बनकर विरोधियों को कड़ा जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी की युवा बिग्रेड भी उन्हें इस पद पर देखने की बात कर रहे हैं। मगर राहुल अभी तक इस पद से दूरी बना रहे हैं। वहीं राहुल और सोनिया इन दिनों रोजाना नेताओं से लगातार मिल कर पार्टी को हार से उबारने के लिए सुझाव ले रही है। संगठन में बड़े फेरबदल को लेकर भी राय मशविरा किया जा रहा है।