राजीव गांधी बनकर जनता के सामने आएंगे राहुल गांधी?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राहुल गांधी अगर राजीव गांधी जैसे दिखने और काफी कुछ वैसा ही बर्ताव करने लगें तो आम कांग्रेसी कार्यकर्ता का मनोबल दुगना हो जाएगा। यह कहना है कांग्रेस में दस जनपथ के बेहद करीबी एक नेता का। इस नेता का दावा है कि राहुल जल्दी ही जनता के सामने आएंगे, लेकिन एक बदले हुए रूप में। राहुल के शुरुआती राजनीतिक दिनों में जो लोग उनके भीतर स्वर्गीय राजीव गांधी की छवि तलाशते थे, अब उनकी यह तलाश पूरी होती नजर आ सकती है।
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के जमाने से परिवार के बेहद निकट रहे इस नेता के मुताबिक राहुल नाराज होकर या रूठकर अज्ञातवास में नहीं गए। बल्कि सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को विश्वास में लेकर अपने कायापलट की योजना के तहत घर से बाहर गए। अज्ञातवास में राहुल कहां गए इस पर चुप्पी साधने वाले इस कांग्रेसी नेता के मुताबिक अपने दस साल के पिछले राजनीतिक जीवन पर विचार मंथन के साथ साथ राहुल ने इस अज्ञातवास में बहुत कुछ सीखा भी है। उन्होंने देश, पार्टी और परिवार के इतिहास को गंभीरता से जाना और समझा।
अपने व्यक्तित्व, कार्यशैली, व्यवहार, भाषणशैली में कुछ जरूरी बदलाव करने की कवायद भी की है। नेहरु के चिंतन, इंदिरा की दृढ़ता और राजीव की मिलनसारिता को आत्मसात करके खुद को नए रूप में ढालने का प्रयास भी राहुल ने किया है। अमर उजाला से बातचीत में इस नेता ने दावा किया कि लोग अब एक बदले हुए राहुल गांधी का दीदार करेंगे और उनको लेकर जितनी भी भ्रांतियां और गलत धारणाएं फैलाई गर्ईं हैं,सब मिट जाएंगी।
दिल्ली पहुंच चुके हैं राहुल गांधी
इस नेता के मुताबिक राहुल गांधी दिल्ली आ चुके हैं लेकिन अभी वह 12 तुगलक लेन स्थित अपने सरकारी आवास या दस जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास पर नहीं रह रहे हैं। न ही वह लोदी एस्टेट स्थित अपनी बहन प्रियंका के यहां हैं। वह दिल्ली या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ही कहीं हैं। अनुमान है कि वह महरौली स्थित अपने पारिवारिक फार्म हाउस में भी हो सकते हैं। वह कब और कैसे खुद को सार्वजनिक करेंगे, इसे लेकर अलग अलग राय और अटकलें हैं।
हालाकि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह कह चुके हैं कि राहुल गांधी 19 अप्रैल को दिल्ली में कांग्रेस की किसान रैली को संबोधित करेंगे। लेकिन राहुल के रणनीतिकार इसके पहले किसी बड़े सियासी धमाके के साथ राहुल के लोगों के सामने आने का तानाबाना बुन रहे हैं। इसके तहत एक राय 14 अप्रैल को भीमराव अंबेडकर जन्म शताब्दी समारोहों के शुभारंभ पर इंदौर के करीब महू में होने वाली रैली को राहुल द्वारा संबोधित करने का सुझाव भी है।