नसबंदी कांड के बीच बिलासपुर जाएंगे राहुल
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को बिलासपुर पहुंच रहे हैं। वह नसबंदी कांड के प्रभावितों और उनके परिजनों से गांव और अस्पताल जाकर मिलेंगे।
प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी शनिवार को साढ़े आठ बजे रायपुर पहुंच जाएंगे। यहां से वे तखतपुर गांव जाकर प्रभावितों और उनके परिवार के लोगों से मुलाकात करेंगे।
उधर से ही वे बिलासपुर में अपोलो अस्पताल और छ्त्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स) जाएंगे और नसबंदी कांड के प्रभावितों से मिलेंगे। जिनका इलाज वहां किया जा रहा है।
सिप्रोप्रोक्सिन में थी चूहामार दवा
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव आलोक शुक्ला ने आशंका जाहिर की है कि महावर फार्मा की जो एंटीबायोटिक सिप्रोप्रोक्सिन नसबंदी शिविर में दी गई है, उसमें जिंक फास्फाइड मिले होने के संकेत मिले हैं।
अस्पताल में हुई एक जांच में इस तरह के तथ्य मिले हैं। जिंक फास्फाइड का इस्तेमाल चूहा मारने वाली दवा बनाने में होता है। बिलासपुर के कमिश्नर सोनमणि बोरा ने भी कहा है कि सिप्रोप्रोक्सिन नाम की दवा में जिंक फास्फाइड मिले होने का अंदेशा है।
इस बीच मेडिकल एसोसिशन ने शनिवार को काम बंद का एलान किया है। डॉक्टरों के इस संगठन का कहना है कि डॉ. आरके गुप्ता को जिस तरह से बिना जांच के ही गिरफ्तार कर लिया गया और बर्खास्त किया गया है, उसका एसोसिएशन विरोध करती है। अपना विरोध जाहिर करने के लिए डॉक्टर शनिवार को काम नहीं करेंगे। यह बंद निजी अस्पतालों में भी बुलाया गया है।
दवा आपूर्ति कंपनी के मालिक रिमांड पर
इस बीच बिलासपुर नसबंदी कांड में घातक दवाओं की आपूर्ति की संदिग्ध कंपनी महावर फार्मा के मालिक पिता-पुत्र रमेश महावर और सुमित महावर को कोर्ट ने 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया है।
उन्हें रायपुर की पंडरी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दूसरी तरफ पूरे छत्तीसगढ़ में खाद्य और औषधि प्रशासन ने विभिन्न दवा निर्माताओं और थोक विक्रेताओं पर छापे मारे हैं। इन छापों में भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद होने का अनुमान है।
महावर फार्मा की सभी दवाएं प्रतिबंधित कर दी गई हैं। यह अंदेशा है कि महावर फार्मा की सिप्रोप्रोक्सिन-500 नाम की दवा के कारण ही नसबंदी शिविर में महिलाओं की हालत खराब हुई और अब तक 14 महिलाओं की मौत हो गई है।
रायपुर में महेंद्र इंटरप्राइजेज, हितेंद्र इंटरप्राइजेज और बीयू कांपलेक्स पर छापे मारे गए हैं। दुर्ग में उषा इंटरप्राइजेज, बिलासपुर में कविता एजेंसीज और रायगढ़ में संजीवनी नर्सिंग पर छापे मारकर दुकान को सील कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि संजीवनी नर्सिंग के पास एक्सपायरी की दवाएं बरामद हुई हैं। कलेक्टरों ने निर्देश दिए हैं कि महावर फार्मा खमराडीह द्वारा बनाई गई किसी भी दवा का इस्तेमाल सरकारी अस्पतालों में नहीं किया जाना चाहिए।
बिलासपुर में पंकज मेडिकोज पर भी छापा मारकर प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं। अंदेशा है कि पंकज मेडिकोज से करीब सौ किमी के दायरे में दवाओं की आपूर्ति की गई है।
महावर फार्मा की बनाई गई अनेक दवाओं को पहले भी प्रतिबंधित किया जा चुका है और विभिन्न अदालतों में उपरोक्त कंपनी के विरुद्ध मुकदमे चल रहे हैं। उसके बाद भी उसकी बनाई गई दूसरी कई दवाईयां बाजार में बेची जा रहीं हैं।
वर्ष 2012 में विधानसभा में एक प्रश्न के जवाब में सरकार ने जानकारी दी थी कि करीब 25 कंपनियों की विभिन्न दवाएं प्रतिबंधित कर दी गई हैं और इन दवाओं को अमानक स्तर का पाया जाने के कारण इन कंपनियों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज हैं।