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'मां ने बताया, शब्द गलत थे, भावनाएं नहीं'
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 04 Oct 2013 12:51 AM IST
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दागियों को बचाने वाले अध्यादेश को ‘बकवास’ करार देने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सफाई देते हुए कहा है कि उनके शब्द भले ही गलत थे, लेकिन उनकी भावना सही थी।
राहुल लोकसभा चुनावों के मद्देनजर बृहस्पतिवार से गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं।
राहुल ने कहा, ‘मेरी मां ने मुझे कहा कि तुमने गलत शब्दों का प्रयोग किया है। हो सकता है, मेरे शब्द थोड़े कड़े थे, लेकिन मेरी भावना गलत नहीं थी।’
राहुल ने विपक्षी दल भाजपा समेत यूपीए के कुछ सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मुझे अपने विचार रखने का पूरा अधिकार है। कांग्रेस में अधिकतर लोग यही चाहते थे।
किसी गलत चीज के लिए आवाज उठाने के लिए भला मुझे सजा क्यों मिलनी चाहिए। क्या मैंने कोई गलती की?’ मालूम हो कि भाजपा के अलावा एनसीपी प्रमुख शरद पवार और नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला ने राहुल के तरीके की आलोचना की थी।
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अध्यादेश पर उनकी टिप्पणी से सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के प्रभावित होने और नाराज होने के संबंध में राहुल ने कहा, ‘मेरी राय हमारे सहयोगियों के लिए हानिकारक है।’
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव भी अध्यादेश को वापस लेने की आलोचना कर चुके हैं। भाजपा समेत कई विपक्षी दलों ने भी कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री का अपमान किया है।
राहुल ने कहा, ‘इस मुद्दे पर मैंने अपने दिमाग की बात सुनी। लेकिन इस पर इतनी ज्यादा प्रतिक्रियाओं से मैं हैरान हूं।’याद रहे कि राहुल के विरोध के बाद कैबिनेट ने बुधवार को महज 20 मिनट में न सिर्फ इस अध्यादेश को बल्कि विधेयक को भी वापस ले लिया।
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राहुल लोकसभा चुनावों के मद्देनजर बृहस्पतिवार से गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं।
राहुल ने कहा, ‘मेरी मां ने मुझे कहा कि तुमने गलत शब्दों का प्रयोग किया है। हो सकता है, मेरे शब्द थोड़े कड़े थे, लेकिन मेरी भावना गलत नहीं थी।’
राहुल ने विपक्षी दल भाजपा समेत यूपीए के कुछ सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मुझे अपने विचार रखने का पूरा अधिकार है। कांग्रेस में अधिकतर लोग यही चाहते थे।
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किसी गलत चीज के लिए आवाज उठाने के लिए भला मुझे सजा क्यों मिलनी चाहिए। क्या मैंने कोई गलती की?’ मालूम हो कि भाजपा के अलावा एनसीपी प्रमुख शरद पवार और नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला ने राहुल के तरीके की आलोचना की थी।
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अध्यादेश पर उनकी टिप्पणी से सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के प्रभावित होने और नाराज होने के संबंध में राहुल ने कहा, ‘मेरी राय हमारे सहयोगियों के लिए हानिकारक है।’
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव भी अध्यादेश को वापस लेने की आलोचना कर चुके हैं। भाजपा समेत कई विपक्षी दलों ने भी कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री का अपमान किया है।
राहुल ने कहा, ‘इस मुद्दे पर मैंने अपने दिमाग की बात सुनी। लेकिन इस पर इतनी ज्यादा प्रतिक्रियाओं से मैं हैरान हूं।’याद रहे कि राहुल के विरोध के बाद कैबिनेट ने बुधवार को महज 20 मिनट में न सिर्फ इस अध्यादेश को बल्कि विधेयक को भी वापस ले लिया।