'मैं आरएसएस वाला नहीं, मैं गलतियां करता हूं'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर जोरदार हमला बोला। संसद में कालेधन से लेकर मनरेगा तक की योजना पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा।
राहुल गांधी ने महंगाई को लेकर पीएम मोदी से सवाल किया कि चुनावों से पहले आपने वादा किया था कि आज दाल की कीमत 70 रूपए किलो है जिसे आगे चलकर नीचे लाया जाएगा। पर आज दाल की कीमत 200 किलो रुपए हो गई है।
मोदी जी ने वादा किया था कि जिन लोगों के पास काला धन है। उन लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पर आज वो उन्हीं लोगों को बचा रहे हैं। उन्होंने 'फेयर एंड लवली' योजना लागू की थी कि कालेधन को सफेद धन में बदल दिया जाएगा। इस दौरान राहुल गांधी से भाषण देते समय कई गलतियां भी हुई।
जब भाजपा सांसदों ने इस पर राहुल गांधी को निशाने पर लिया। तो राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कि 'मैं आरआरएस वाला नहीं हूं, मुझसे गलतियां होती हैं।'
'आपने बब्बर शेर दिखा दिया'
राहुल ने कहा कि 'मोदी जी ने नई नौकरियां लाने का वादा किया था। पर हर जगह बब्बर शेर बना दिया। पर कितने रोजगार दिए ये तो बताओ?' जब राहुल गांधी ये बातें कर रहे थे तो पीएम मोदी सदन में नहीं बैठे थे।
पीएम मोदी के सदन में आते ही राहुल ने अपना भाषण रोकते हुए कहा कि 'आपने सुना नहीं, मैं 'फेयर एंड लवली' के बारे में बोल रहा था। राहुल ने कहा कि 'मेक इन इंडिया का बब्बर शेर तैयार किया। जहां देखों बब्बर शेर। टीवी में बब्बर शेर। आपने बब्बर शेर दिखा दिया।
मैं ये पूछता हूं कि आपने कितने लोगों को रोजगार दिया? राहुल गांधी ने कहा कि 'अरूण जेटली मेरे पास आए और बोले कि मनरेगा से अच्छी स्कीम कोई हो नहीं सकती। तो मैंनें कहा कि 'यह बात आप अपने बॉस को क्यों नहीं बताते हैं'। राहुल ने कहा कि 'बड़े पॉवरफुल आदमी, पता है मुझे। लेकिन आप लोगों को कुछ बोलना चाहिए।
'हम कभी यह दावा नहीं करते कि हम सब कुछ जानते'
राहुल गांधी ने रोहित वेमुला की आत्महत्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 'पीएम मोदी ने रोहित वेमुला की मां को नहीं बुलाया और न ही इस प्रकरण पर कुछ बोले'। राहुल गांधी ने सवाल पूछते हुए कहा कि 'जेएनयू क्या है, जेएनयू के 60 फीसदी छात्र दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्गों से आते हैं। आज भी हम चीजें सीख रहे हैं। हम कभी यह दावा नहीं करते कि हम सब कुछ जानते हैं।'
जेएनयू के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी पर बोलते हुए कहा कि 'वो 20 मिनट की स्पीच मैंने सुनी है। उस स्पीच में एक भी शब्द राष्ट्र के खिलाफ नहीं है।
राहुल गांधी ने लोकसभा में ही महात्मा गांधी और वीर सावरकर के बीच का अंतर बताते हुए कहा कि 'गांधी हमारे हैं और बीजेपी के सावरकर। इस बात पर भी सदन में हंगामा शुरू हो गया तो राहुल ने पूछा कि 'सावरकर आपके नहीं हैं क्या? आपने उन्हें उठाकर फेंक दिया क्या?' जवाब दीजिए।
उन्होंने कहा कि 'आप न जेएनयू को कुचल पाओगे, न ही इस देश के गरीब को। कौन से धर्म में लिखा है कि टीचर्स, अध्यापको को पीटा जाना चाहिए? जब कोर्ट में अध्यापक, छात्रों और मीडिया को मारा गया तो पीएम ने एक शब्द तक नहीं कहा।
राष्ट्रीय ध्वज को लेकर शुरू हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि ' जब मैं राष्ट्र ध्वज को सलाम करता हूं तो मैं सिर्फ एक कपड़े को सलाम नहीं करता हूं। मैं सलाम करता हूं उस जुड़ाव को जो देश का प्रतिनिधित्व करता है। जब मैं झंडे की रक्षा करता हूं तो हर उस आवाज का बचाव करता हूं जो सबसे कमजोर है। ध्वज को सम्मान करने का अर्थ है कि आप सभी के विचारों का सम्मान करते हैं। पीएम मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि 'देश, पीएम नहीं है और पीएम, देश नहीं है।
पीएम मोदी की विदेश नीति पर हमला बोलते हुए कहा कि 'पाकिस्तान देश पर हमला करता है और पीएम मोदी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ चाय पीते हैं। पीएम मोदी सब कुछ अपने मन से करते हैं। पीएम मोदी यह तक की इन मुद्दों पर सुषमा स्वराज तक से बात नहीं करते हैं।