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आदर्श मामले पर महाराष्ट्र सरकार को राहुल की लताड़
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 27 Dec 2013 08:59 PM IST
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यह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की भ्रष्टाचार के दाग से खराब हो चुकी कांग्रेस की छवि को निखारने की कोशिश हो या फिर जनता की नब्ज पहचानने की रणनीति।
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लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के फैसले पर सवाल उठाने के बाद अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के आदर्श घोटाला मामले पर लिए गए फैसले पर हमला बोला है।
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आदर्श हाउसिंग घोटाले के जांच आयोग की रिपोर्ट खारिज करने पर चव्हाण सरकार को जमकर फटकार लगाई। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल के साथ मंच पर चव्हाण भी बैठे थे।
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राहुल ने आदर्श जांच रिपोर्ट को खारिज करने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर ऐतराज जताते हुए इस पर पुनर्विचार करने की नसीहत दी।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि वह फैसले से सहमत नहीं हैं। महाराष्ट्र सरकार को इस पर दोबारा विचार करना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि यह उनका निजी विचार है। आदर्श मामले पर यह साफ है कि किसी को बचाया नहीं जाएगा।
राहुल के बयान के बाद चव्हाण ने मारी पलटी
राहुल गांधी के बयान के कुछ मिनट बाद ही चव्हाण ने अपने ही फैसले को पलटने की बात कह दी। उनकी सरकार ने कुछ दिन पहले ही आदर्श जांच समिति की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था।
जांच समिति की रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण समेत कई कांग्रेसी नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। इस मुद्दे पर सरकार की साझेदार एनसीपी ने भी सवाल उठाए थे।
विपक्ष पर साधा निशाना
राहुल ने प्रेस कांफ्रेंस में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही सिस्टम बदलने की बात कर रही है और कोई दूसरी पार्टी नहीं। लोकसभा और राज्यसभा में कई बिल लंबित पड़े हैं।
विपक्ष उसे पास होने नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि जब मैं कहता हूं कि बिल पास करें और भ्रष्टाचार से लड़े तो विपक्ष में सन्नाटा छा जाता है।
विपक्षी पार्टियों के शासन वाली सरकारें लोकपाल के मुद्दे पर चुप्पी साध लेती हैं। भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए ढांचे की जरूरत है। लोकसभा में बिल की लाइन लगी हैं।
हमारे साथ मिलकर विपक्ष इन बिलों को पास कर दें, फिर मजा देखिए देश में। मगर वे नहीं करेंगे, केवल बड़ी बड़ी बात करेंगे। भाषण देने का यहां फैशन बन गया है। भइया बातचीत करो। बदलना है तो कानून बनाओ।
मोदी के बयान पर कोई टिप्पणी नहीं
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा नेता नरेंद्र मोदी के 2002 के गुजरात दंगों के संदर्भ में लिखे गए ब्लॉग पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि अभी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक फ्रेमवर्क तैयार करने का मुद्दा सामने है। आप लोग मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश न करें।