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अब पार्टी के कामकाज को दुरुस्त करेंगे राहुल

नई दिल्ली/एजेंसी Updated Sun, 10 Feb 2013 07:36 PM IST
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rahul gandhi set to tone up congress party functioning

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कांग्रेस का उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद अब राहुल गांधी पार्टी के कामकाज को दुरुस्त करने के अपने मिशन में जुटने वाले हैं। इसके साथ ही कांग्रेस में अब चुनावों में प्रत्याशियों के चयन पर निर्णय के लिए आलाकमान को अधिकृत करने के लिए राज्यों की ओर से एक लाइन का प्रस्ताव पारित किया जाना बीते दिनों की बात हो सकती है।
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पार्टी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और पार्टी विधायक दलों के नेताओं की 15 फरवरी को बैठक बुलाई है। इसमें वह टिकट वितरण प्रणाली को विश्वसनीय और आसान बनाने के लिए व्यापक प्रक्रिया को कह सकते हैं। पार्टी उपाध्यक्ष बनने के बाद राहुल की राज्यों के नेताओं के साथ यह पहली बैठक होगी।


उन्होंने अकसर संगठन के संचालन में नियमों और विनियमों की कमी की बात कही है। राहुल के साथ प्रदेश नेताओं की एक दिनी बैठक ऐसे वक्त पर हो रही है जब पार्टी कार्यकर्ता टिकट वितरण प्रणाली को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। इस बैठक का महत्व इससे भी बढ़ जाता है क्योंकि इस साल मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और दिल्ली समेत 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और अगले साल लोकसभा का चुनाव भी होना है।

हाल ही में जयपुर में हुए चिंतन शिविर में टिकट वितरण प्रणाली में व्यापक बदलाव की बात कही गई थी। जयपुर घोषणा पत्र में यह भी कहा गया था कि जब वरिष्ठ पार्टी नेता किसी खास उम्मीदवार की सिफारिश करते हैं तो उन्हें उसकी विफलता की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।

पार्टी के विभिन्न स्तरों पर नए नेताओं को तैयार करने के प्रयासों के तहत एआईसीसी पहले ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और जिला पज्ञर्टी अध्यक्षों का कार्यकाल दो बार तक सीमित करने का निर्णय कर चुकी है। इसके साथ ही प्रत्येक कार्यकाल तीन साल से अधिक का नहीं होगा। इसके अलावा सभी प्रखंड कांग्रेस कमेटी और जिला कांग्रेस कमेटी का निर्धारित समय के भीतर गठन करने का संकल्प लिया गया।

बैठक में राहुल विभिन्न राज्यों में पार्टी के सामने खड़ी विभिन्न समस्याओं के बारे में जानकारी लेंगे, जिससे यह समझने में मदद मिल सके कि वहां पर संगठन को दुरुस्त करने के लिए क्या किए जाने की जरूरत है। उपाध्यक्ष बनने के बाद से राहुल पार्टी पदाधिकारियों से तीन चरण का विचार विमर्श कर चुके हैं।

कांग्रेस एक दर्जन राज्यों में सत्ता में है लेकिन आंध्र प्रदेश ही एकमात्र बड़ा राज्य है जहां उसकी अपनी सरकार है। पार्टी उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे कई राज्यों से कई सालों से सत्ता से बाहर है।

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