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'एफडीआई का विरोध करने के बजाय हमारा साथ दो'

Sat, 08 Dec 2012 08:34 AM IST
रायबरेली/ब्यूरो
रायबरेली/ब्यूरो Updated Sat, 08 Dec 2012 08:34 AM IST
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rahul gandhi seeks support from people on fdi

अमेठी के सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे तो उनके सामने न सिर्फ एफडीआई के विरोध की आवाज सुनाई पड़ी, बल्कि पानी, बिजली समेत अन्य समस्याओं को जनता ने उनके सामने रखा। अपनों का गुस्सा देख राहुल ने कहा कि एफडीआई का विरोध करने के बजाय आप लोग हमारा सहयोग करें। इसी में आपका फायदा है।

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पानी, बिजली, सड़क के मुद्दे पर उन्होंने सूबे की सरकार पर निशाना साधा। कहा, हमारा काम धन देना है, काम कराने की जिम्मेदारी स्थानीय सरकार के पास है। उन्होंने क्षेत्रीय जनता को विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि विकास हम ही कर सकते हैं, लेकिन जब यूपी में हमारी सरकार हो। शिक्षा के मुद्दे पर भी वह गंभीर नजर आए तो आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत करने की बात भी कही।
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राहुल गांधी सबसे पहले एक विशेष विमान से दोपहर करीब 12 बजे फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी पहुंचे। यहां से वे कार से सलोन विधानसभा क्षेत्र के टेकारीदांदू गांव स्थित हिमांशुधर इंटर कॉलेज में दोपहर करीब 12.30 बजे पहुंचे। आधा घंटे लेट पहुंचे राहुल ने पहले लोगों से माफी मांगी और फिर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और समाजसेवियों से मुलाकात की।
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इस दौरान उन्होंने सभी से विकास के मुद्दे पर मशविरा किया। उनके इस कार्यक्रम में एफडीआई का मुद्दा हावी रहा। सभी ने एफडीआई को लेकर भविष्य की रणनीति पर भी राहुल से मशविरा किया, जिस पर सांसद ने कहा कि कहा कि आप लोग एफडीआई का विरोध करने के बजाय हमारा साथ दें। एफडीआई से आम जनता का ही नहीं, बल्कि हर तबके का लाभ है। आप लोग ही इस तरह की बात करेंगे तो फिर अन्य जिलों के लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे। राहुल की यह बात सुनकर वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता एसपी सिंह ने कहा कि राहुल भइया आप जो कह रहे हैं, हम लोग वैसा ही करेंगे।

परशदेपुर के अंजुम ने बिजली, सड़क की समस्या को लेकर आवाज उठाई तो सांसद ने कहा कि सन् 1990 से अब सूबे में अधिक बिजली उत्पादन हो रहा है। बिजली देने का काम स्थानीय सरकार का है। इसी तरह सड़क की समस्या पर बोले कि क्षेत्र की 13 सड़कें उन्होंने स्वीकृत करा दी हैं, जो खराब सड़कें हैं, उन्हें भी जल्द ठीक करा दिया जाएगा।


उन्होंने दो टूक कहा कि धन जितना मांगा जाता है, उतना धन हम सूबे को दे देते हैं। अब काम नहीं होता, इसकी जिम्मेदार स्थानीय सरकार है। हालांकि वह सपा का नाम लेने से कतराए।

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