JNU: राहुल की भूमिका से नाराज हैं कांग्रेसी नेता
जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाए जाने के बाद छात्रों के धरने में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति पार्टी के नेताओं को खटकने लगी है। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता इसे बड़ा नुकसान मान रहे हैं। उनकी इस भूमिका से पार्टी के कई नेता नाराज हैं। बावजूद इसके कांग्रेस के नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण का कहना है कि जेएनयू मामले में राहुल गांधी को बदनाम करने की साजिश रची गई है।
जेएनयू मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की भूमिका को लेकर पार्टी का कोई नेता खुलकर बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन वह यह मानकर चल रहे हैं कि देश विरोधी नारे लगाने वाले छात्रों के धरने में शामिल होकर राहुल ने पार्टी का ही नुकसान किया है।
राहुल की भूमिका बचकाना
महाराष्ट्र कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस मामले में राहुल की
भूमिका बचकाना रही है। उन्होंने कहा कि राहुल लगातार इस तरह के फैसले ले
रहे हैं, जिससे पार्टी को नुकसान हो रहा है। वहीं, शुक्रवार को अशोक चव्हाण
ने कहा कि भाजपा राहुल गांधी को देशद्रोही करार देने पर तुली हुई है।
इसके खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे।
अशोक चव्हाण ने कहा कि
जेएनयू विवाद को लेकर देशभर में देशभक्त बनाम देशद्रोही का माहौल बनाने का
प्रयास हो रहा है। जो भी भाजपा सरकार और आरएसएस के खिलाफ बोलता है, उसको
देशद्रोही करार दिया जा रहा है। भाजपा एक प्रकार से देश प्रेम का प्रमाण
पत्र बांट रही है।
चव्हाण ने कहा कि पहले पुणे के एफटीआईआई में छात्रों की
आवाज अनसुनी की गई। उसके बाद हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र राहुल
वेमुला की आत्महत्या मामले में सरकार की भूमिका पर सवाल उठे और अब जेएनयू
विवाद में छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
चव्हाण ने कहा कि
राजस्थान के भाजपा विधायक कैलाश चौधरी खुलेआम राहुल गांधी को गोली मारने की
बात कर रहे हैं। यह बेहद चिंताजनक है और इससे भाजपा की मानसिकता का पता
चलता है।