फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   rahul-gandhi's-direction-for-election

राहुल के निर्देशों से कांग्रेसी मैनेजर परेशान

Sat, 05 Oct 2013 12:04 AM IST
धीरज कनोजिया
धीरज कनोजिया Updated Sat, 05 Oct 2013 12:04 AM IST
विज्ञापन
rahul-gandhi's-direction-for-election

लोकसभा चुनाव के फाइनल से पहले पांच राज्यों में सेमीफाइनल का चुनावी हूटर बजने के साथ ही कांग्रेस की धड़कनें तेज हो गई हैं।

विज्ञापन


भले ही कांग्रेस माने या न माने मगर उसे इस बात का अहसास है कि सेमीफाइनल की जंग राहुल बनाम मोदी के बीच होगी।

अभी पांच राज्यों में पार्टी की चुनावी तैयारियां टिकट बंटवारे के चरण पर ही पहुंची हैं। टिकट बांटने वाले मैनेजरों के सामने ऐसे जटिल मुद्दे आ रहे हैं, जिसकी वजह से उम्मीदवारों को चुनने की प्रक्रिया मंद पड़ने लगी है।

राहुल गांधी के सख्त नियम और दिशा निर्देश टिकट बंटवारे में सबसे ज्यादा परेशानी पैदा कर रहे हैं। अभी तक सिर्फ छत्तीसगढ़ की ही स्क्रीनिंग कमेटी की एक बैठक हो पाई है।
विज्ञापन


राहुल गांधी ने उम्मीदवारों के मानदंड तैयार किए हैं। जैसे कि 15 हजार से ज्यादा वोटों से हारे उम्मीदवार को टिकट नहीं मिलेगी। दो बार लगातार हारे उम्मीदवारों को भी टिकट नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


जमानत जब्त होने वाले उम्मीदवरों को टिकट नहीं मिलेगी। एक हजार से कम वोट हारे उम्मीदवारों को टिकट मिलेगी। मौजूदा विधायकों पर स्थितियों के हिसाब से फैसला लिया जाएगा। राहुल के निर्देश कांग्रेस के मैनेजरों को सबसे ज्यादा परेशान कर रहे हैं।

दल बदलुओं को टिकट नहीं मिलेगी। राहुल के इन मानदंडों को लेकर पार्टी के पसीने छूट रहे हैं। कई रणनीतिकार दबी जुबान में स्वीकार कर रहे है कि इन मानंदडों को लागू करना बेहद मुश्किल है। इसलिए असल टिकट बंटवारे में इन नियमों का हवा में उड़ना तय है।

इसकी वजह से टिकट बंटवारे का काम बेहद पीछे चल रहा है। मसलन, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और मिजोरम की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक नहीं हुई है। सिर्फ छत्तीसगढ़ की बैठक हो पाई है।

पार्टी की अंदरूनी रिपोर्ट में भी मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में गुटबाजी की वजह से पार्टी को नुकसान बताया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी कहते है कि पांच राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बनेगी।

जनता अच्छी तरह से जानती है कि कांग्रेस उनके हितों को ध्यान में रखकर काम करती है। अल्वी कहते है कि ये विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के करीब हैं इसलिए इनमें राष्ट्रीय मुद्दे चर्चा में रहेंगे।


साथ ही केंद्र सरकार के पिछले दस सालों के काम पर चर्चा होगी। अल्वी ने दावा कि कांग्रेस को नरेंद्र मोदी से घाटा नहीं फायदा होगा। मोदी हमारे लिए कोई चुनौती नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed