यूरोप से छुट्टियां मनाकर स्वदेश लौटे राहुल गांधी
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी यूरोप में नए साल की छुट्टियां मना कर रविवार को स्वदेश लौट आए हैं। कल वह कांग्रेस के नेताओं के साथ अपनी अनुपस्थिति में हुए घटनाक्रमों की जानकारी लेंगे। बीते दिनों विदेश यात्रा पर हुई अटकलबाजियों को देखते हुए इस बार उन्होंने 28 दिसंबर को ट्वीट कर कहा था कि वह यूरोप जा रहे हैं।
अपने ट्वीट में उन्होंने कहा था, ‘कुछ दिनों के लिए मैं यूरोप की यात्रा पर रहूंगा। सभी को वये साल की शुभकामनाएं।’ कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि राहुल रविवार की सुबह ही यूरोप से लौटे हैं। इससे पहले भी राहुल गांधी नये साल के दौरान कुछ अवसरों पर देश के बाहर रहे थे। इससे पहले उनकी दो विदेश यात्राएं चर्चा का विषय रही हैं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अब खुलकर बात करने लगे हैं और शायद अब वो लोगों से कुछ छिपाना भी नहीं चाहते हैं। इसी के चलते राहुल गांधी ने ट्वीट करके बताया था कि वो नया साल कहां मानने जा रहे हैं?
राहुल गांधी ने ट्वीट करके बताया था कि वो कुछ दिनों के लिए यूरोप जा रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने देश के सभी लोगों को नए साल की मुबारकबाद भी दी थी। राहुल ने अपने बधाई संदेश में देश के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा था कि मैं उम्मीद करता हूं कि आपके और आपके चाहने वालों के जीवन में खुशियां आएं। राहुल गांधी ने पहली बार इस तरह से ट्वीट करके नए साल की मुबारकबाद देने के साथ अपनी यूरोप की यात्रा के बारे में जानकारी दी थी।
राजनीतिक विरोधियों से वो मौका छीन लिया
राहुल गांधी ने इस ट्वीट के जरिए अपने उन राजनीतिक विरोधियों से वो मौका छीन लिया है जो उनकी विदेशों की यात्राओं और संसद में गैरमौजूदगी को मुद्दा बनाते थे। आपको बताते चले कि बजट सत्र के दौरान संसद में मौजूद न रहने पर राहुल गांधी को विपक्ष ने अपने निशाने पर ले लिया था।
आपको बताते चले कि राहुल गांधी इस साल छुट्टियों को लेकर ही चर्चा में रह चुके हैं। राहुल 60 दिनों तक देश में न होना चर्चा का विषय बन गया था।
विपक्ष और सारे विरोधी राहुल गांधी की एक सुर में आलोचना कर रहे थे। साथ ही कह रहे थे कि कांग्रेस बताएं कि राहुल गांधी कौन से अज्ञातवाश पर गए हुए हैं। राहुल गांधी 16 फरवरी, 2005 से 16 अप्रैल, 2015 तक भारत में नहीं थे।
तब भारत से लेकर विदेशों तक में राहुल गांधी को खोजने का अभियान चल निकला था। उन दौरान सभी विपक्षी दलों ने साबित करने की कोशिश करी कि राहुल गांधी आखिरकार कहां हैं?
पर कोई भी यह जान नहीं पाया कि राहुल गांधी कहां है? और अपने 60 दिनों के अज्ञातवाश से वापस आने के बाद से ही राहुल गांधी एक नए तेवर के साथ आकर कमजोर पड़ रही कांग्रेस में नई जान फूंकने में लग गए।