यूपी में युवा चेहरों पर दांव खेलेंगे राहुल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम चुनाव में मुश्किल सियासी डगर के बावजूद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश की करीब 60 फीसदी लोकसभा सीटों पर नए युवा चेहरों को चुनावी मैदान में उतारने का दांव चलना लगभग तय कर लिया है।
सियासी मुसीबतों में भी भविष्य की राह बनाने की इस रणनीति के तहत राहुल यूपी की करीब 48 लोकसभा सीटों पर 50 साल से कम उम्र के अपेक्षाकृत युवा नए चेहरों को चुनावी मैदान में उतारेंगे।
कांग्रेस की सीटिंग लोकसभा सीटों को छोड़ कर अधिकांश भारी अंतर से हारी हुई सीटों पर नए चेहरों को टिकट दिया जाएगा।
उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग पूरी
पार्टी ने यूपी की गैर सीटिंग 30 सीटों के उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग पूरी कर ली है।
अब 13 फरवरी को सोनिया गांधी की अगुवाई में केन्द्रीय चुनाव समिति की पहली बैठक में टिकट का अंतिम फैसला लिया जाएगा।
इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि राजबब्बर और कमल किशोर कमांडो के अलावा यूपी के किसी कांग्रेस सांसद की सीट नहीं बदलेगी।
बेनी प्रसाद पर हाईकमान मेहरबान
केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा को भी कैसरगंज से लोकसभा टिकट दिया जाना लगभग तय है।
राहुल गांधी के शीर्ष चुनावी रणनीतिकारों की टीम में शामिल एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक लोकसभा टिकट बंटवारे में यूपी में अजमाए जा रहे इस फार्मूले को कमोबेश तमाम राज्यों में लागू किया जाएगा।
इसीलिए राहुल ने पहले सीटिंग सीटों की बजाय उन सीटों पर उम्मीदवार तय करने को वरीयता दी है जहां से पिछले दो से चार चुनावों में कांग्रेस लगातार हारती रही है।
सियासी निवेश से फायदे की उम्मीद
रणनीतिकार के अनुसार नए चेहरों को तवज्जो देने के पीछे राहुल का तर्क है कि जब पुराने चेहरे तीन-चार चुनाव हार चुके हैं तो उनमें भविष्य के लिए सियासी निवेश का फायदा नहीं है।
इसकी बजाय नए युवा चेहरों को मौका देने से पार्टी चुनाव में बेहतर टक्कर देने की हालत में होगी और ये नए चेहरे भविष्य का रास्ता बनाएंगे।
इसीलिए यूपी की जिन 30 सीटों की स्क्रीनिंग पूरी हुई है उसमें से 23 चेहरे 50 साल से कम उम्र के हैं। इन 23 में भी 17 टिकट दावेदारों की उम्र 40 साल से कम है।
कई दिग्गज अंदरखाने नाखुश
हालांकि उनका यह भी कहना है कि नए चेहरों पर चुनावी दांव लगाने की राहुल की इस रणनीति से कांग्रेस के कई पुराने वरिष्ठ नेता नाखुश हैं।
यूपी की इन 30 सीटों के साथ कुछ दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों पर फैसला करने के लिए 13 फरवरी से चुनाव समिति की बैठक शुरू होगी।
जबकि कांग्रेस की सीटिंग सीटों पर फैसले की प्रक्रिया संसद सत्र के खत्म होने के बाद 22 फरवरी से शुरू होगी।
पार्टी के इस उच्चपदस्थ सूत्र के मुताबिक अपना चुनाव क्षेत्र बदलने के बेनी वर्मा के अनुरोध को हाईकमान नहीं मानेगा। मगर उनके बेटे राकेश को टिकट देने का संकेत उन्हें दे दिया गया है।