सोनिया के वफादारों को झटका देने छुट्टी पर गए राहुल?
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आजादी के बाद अब तक के सबसे बुरे समय का सामना कर रही कांग्रेस को मझधार में छोड़कर राहुल गांधी छुट्टी पर चले गए हैं। अचानक संसद के बजट सत्र से शुरू होने से पहले राहुल की छुट्टी की बात सामने आने के बाद कांग्रेस में भूचाल आ गया है। कांग्रेस के आला नेता इस खबर से अवाक हैं।
स्थिति संभालने के लिए सोनिया गांधी ने सफाई दी है कि राहुल को कुछ वक्त चाहिए। वह कुछ हफ्ते में वह फिर वापस आएंगे। मगर बात बढ़ चुकी है। पार्टी के भीतरखाने अब चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि वह अपनी मां सोनिया गांधी के कई समर्थक नेताओं से नाराज होकर पार्टी से दूरी बना रहे हैं।
वह पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को बाहर का दरवाजा दिखाकर पार्टी की कमान खुद संभालना चाहते है लेकिन सोनिया समर्थक ऐसा नहीं चाहते। लिहाजा, राहुल ने खुद को फिलहाल अलग रखकर अपने विरोधी नेताओं को झटका दिया है।
सोनिया और राहुल के वफादारों के बीच पार्टी बंटी
लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को दिल्ली, हरियाणा, झारखंड और जम्मू कश्मीर में करारी हार मिली है। दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला। इन हारों के बाद सोनिया और राहुल के समर्थकों में एक दूसरे को काटने की जंग और तेज हो गई थी। माना जा रहा था कि राहुल गांधी कांग्रेस में बड़े बदलाव करेंगे।
वह पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं को बड़े पदों से हटाना चाहते थे। पार्टी नेता कहते है कि इसमें सफल होता न देख उन्होंने नाराज होकर खुद को पार्टी से अलग कर लिया है। कुछ नेता यह भी अनुमान लगा रहे है कि राहुल पार्टी में सोनिया के वफादारों की एक ताकतवर लॉबी से नाराज हैं।
वह इन नेताओं को पार्टी से बाहर चाहते हैं। मगर इसमें सफल नहीं होने के बाद उन्होंने खुद ही पार्टी से दूरी बनाने की कोशिश की है। राहुल विरोधी लॉबी तो यहां तक कह रही है कि वह हमेशा के लिए पार्टी से दूरी बना सकते है। सोमवार को पार्टी की ओर से कहा गया कि उन्होंने छुट्टी मांगी थी और छु्ट्टी स्वीकार कर ली गई है।
पार्टी को देनी पड़ी सफाई
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वह कुछ हफ्तों के लिए आत्मचिंतन पर गए हैं और वह जल्द ही पार्टी अधिवेशन की तैयारी के लिए नए सिरे से रणनीति बनाने की तैयारी के सिलसिले में आत्म चिंतन करेंगे।
वह देश से बाहर गए हैं या देश में ही है। इस सवाल का जवाब पार्टी के पास कोई नहीं है। मगर उनकी छुटटी को लेकर कांग्रेस को बेहद सारे कठिन सवालों का सामना करना पड़ रहा है। जिससे पार्टी की बेहद फजीहत हो रही है।
पार्टी प्रवक्ता से जब पूछा गया कि राहुल ने ऐसा समय क्यों चुना जब पार्टी मुश्किलों से घिरी है। जवाब में सिंघवी ने कहा कि वह पहले जाते तो सवाल उठते कि दिल्ली चुनाव के बीच में क्यों गए। बाद में जाते तो कहा जाता कि पार्टी अधिवेशन के दौरान ही चले गए।
सिंघवी ने कहा कि उन्होंने सोच समझकर यह समय चुना है। शादी के लिए छुट्टी जाने के सवाल पर पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि चाहे जैसे भी सवाल पूछे। उनका जवाब एक ही रहेगा।