लोकसभा में राहुल ने दिखाए तेवर, वेल में पहुंचे
सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं को लेकर लोकसभा में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सांप्रदायिक हिंसा पर चर्चा की मांग करते हुए पार्टी सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष के आसन के सामने वेल तक पहुंच गए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में केवल एक ही व्यक्ति की बात सुनी जाती है। हालांकि राहुल के इस कदम पर शिवसेना ने चुटकी ली है।
आडवाणी से मिल राहुल ने की गुजारिश्ा
लोक सभा से निकलने के बाद राहुल गांधी और कमलनाथ भाजपा के वरष्ठि नेता लालकृष्ण आडवाणी से मिले और अपनी बात रखी।
उन्होंने आडवाणी से कहा कि वह सांप्रादायिक हिंसा पर सदन में चर्चा चाहते हैं जिसके लिए उन्हें बोलने का मौका दिया जाए। वहीं लालकृष्ण आडवाणी ने राहुल गांधी से कहा कि वह अपने पार्टी के सांसदों को समझाएं, सदन ऐसे नहीं चलता।
जबकि इस मामले पर भाजपा प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हार के हैंगओवर को उतारने के लिए इन्हें झांड़-फूंक करवानी चाहिए।
राहुल पर शिवसेना की चुटकी
राहुल गांधी के सांप्रदायिक हिंसा पर बहस की मांग को लेकर सदन के वेल जाने पर शिवसेना ने चुटकी ली है।
शिवसेना नेता संजय रावत ने कहा कि कांग्रेस एक छोटी पार्टी है और छोटी पार्टियों के सांसद अपनी बात रखने के लिए अक्सर वेल में आ जाते हैं।
वहीं विपक्ष की बात न सुनी जाने के आरोप को खारिज करते भाजपा सांसद राजीव प्रताव रूड़ी ने कहा कि 'राहुल जी ने वेल में आकर जिन शब्दों का इस्तेमाल किया वह दुर्भाग्यपूर्ण है, इससे उनके फ्रस्ट्रेशन का पता चलता है'।
रूड़ी ने कहा कि अगर राहुल गांधी बहस को वाकई गंभीर हैं तो इसके लिए वह नियमानुसार सदन को नोटिस दें और चर्चा करें।