फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   rahul gandhi does't have any eligibility for the politics?

राहुल गांधी की योग्यता पर सवाल?

Sun, 18 May 2014 08:45 AM IST
Updated Sun, 18 May 2014 08:45 AM IST
विज्ञापन
rahul gandhi does't have any eligibility for the politics?

देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस को इन चुनावों में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा तो अब उसके भविष्य पर भी सवाल उठने लगे हैं। इन चुनावों में कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष राहुल गांधी की नाकामी और भविष्य के बारे में बीबीसी संवाददाता पवन सिंह अतुल ने बात की वरिष्ठ पत्रकार मधुकर उपाध्याय से।

विज्ञापन


निहितार्थ का सवाल सिर्फ़ राहुल गांधी के लिए ही नहीं है पूरी कांग्रेस पार्टी के लिए है। चमत्कार जैसी चीज़ राहुल गांधी में थी नहीं, ये पार्टी अच्छी तरह समझती थी। वो पार्टी में कोई नई चीज़ कर देंगे ऐसा भी नहीं दिखाई दे रहा था।
विज्ञापन


तो बहुत सारे लोग जिनकी शायद खुलेआम सबके सामने आकर ये कहने की हिम्मत न होती कि राहुल गांधी में वो बात है ही नहीं, जिस पद के लिए उन्हें प्रोजेक्ट किया जा रहा है, अब वो शायद दबी ज़ुबान में ये बात कहने लगेंगे। हालांकि कांग्रेस पार्टी ये बात खुलकर कहने का साहस जुटा पाए, ये अभी दूर की कौड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्योंकि कांग्रेस में जिस तरह 10 जनपथ की परिक्रमा करके अपने कर्तव्यों की इतिश्री मान लेने की जो परंपरा है भले ही पार्टी तबाह हो जाए, वो अभी ख़त्म नहीं हई है। इसलिए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं का रिश्ता वैसे ही लुंजपुंज बना रहेगा, चाहे वो पार्टी के लिए कुछ भी न कर पाएं।

राहुल गांधी के नेतृत्व को चुनौती?

rahul gandhi does't have any eligibility for the politics?

मैं अब भी ये मानता हूं कि कांग्रेस में कोई राहुल गांधी या 10 जनपथ के किसी सदस्य के ख़िलाफ़ खड़े होकर कुछ बोल दे, ये हाल फ़िलहाल में नहीं होने वाला। जो सोनिया गांधी के वक्त हुआ था, जब लोगों ने उनके विदेशी मूल का मुद्दा उठाकर अलग पार्टियां बनाई थीं या विरोध किया था, उस वक़्त तुलना करने के लिए कुछ नहीं था।

सोनिया गांधी थीं कांग्रेस अध्यक्ष की हैसियत से और उनका मुक़ाबला करने के लिए कोई और नहीं था। यहां राहुल गांधी के मामले में एक व्यक्तित्व है जिसका नाम है प्रियंका गांधी।

सिर्फ़ दो निर्वाचन क्षेत्रों तक सीमित रहने के बावजूद जिस तरह उनकी विश्वसनीयता और उनके बयानों पर प्रतिक्रियाएं हुईं, नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा में नीचे तक, वो इतना बता देने के लिए काफ़ी है कि राहुल और प्रियंका गांधी में से कौन ज़्यादा भरोसेमंद है और किससे लोगों को ज़्यादा ख़तरा महसूस हो सकता है।

राहुल गांधी भविष्य के बेहतर नेता?

rahul gandhi does't have any eligibility for the politics?

राजीव गांधी के बारे में ऐसे ही कहा जाता है था वो बबुआ हैं, चॉकलेट प्राइम मिनिस्टर हैं, उनसे कुछ होने वाला नहीं है। इसी तरह इंदिरा गांधी को भी गूंगी गुड़िया कहा गया था। वही तर्क राहुल गांधी के बारे में कांग्रेस के लोग देते हैं कि जैसे इन दोनों को कम आंका गया और वे बाद में सफल हुए, वैसे ही राहुल गांधी भी सफल होंगे।

लेकिन दस साल से वो सक्रिय राजनीति में हैं और अगर आप दस साल में कोई चीज़ नहीं पकड़ पाए हैं, तो आगे पकड़ पाएंगे, इसकी संभावना कैसे देखी जाए?

उनके लिए कहा जाता है कि वो दूरदर्शी हैं, बहुत नई सोच है लेकिन उनमें से एक भी चीज़ ज़मीन पर नहीं दिखाई देती और जो कुछ वो करते हैं, उसका कोई असर नहीं होता तो ऐसा व्यक्ति पार्टी का अध्यक्ष या उपाध्यक्ष बने भी तो पार्टी को कहां ले जाएगा?

स्थिति सुधारने के लिए क्या करें राहुल?

rahul gandhi does't have any eligibility for the politics?

राहुल गांधी को बार-बार सरकार का हिस्सा बनने का मौका दिया गया जिससे उन्हें ''ऑन द जॉब ट्रेनिंग'' यानी प्रशिक्षण मिलता लेकिन वो इससे बचते रहे और इसलिए विपक्ष उनकी आलोचना करता था, वो बहुत ग़लत नहीं था।

उनके पास एक अवसर था। ये अवसर कितने लोगों को मिलता है। क्योंकि आप उस परिवार के सदस्य हैं इसलिए आपको मंत्री पद मिल रहा है, नहीं तो आपके पास कोई और योग्यता नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed