पहली ही रैली में राहुल ने कराई किरकिरी
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लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद बुधवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में पहली चुनावी रैली की। हालांकि अपने भाषण में उन्होंने ऐसी गलती कर दी, जिससे लगा कि मानो अभी वो यूपीए सरकार की खुमारी मे ही हैं।
नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के चार महीने बाद भी राहुल गांधी यही मान रहे हैं कि देश में यूपीए की सरकार है। शायद इसी वजह से उन्होंने महाराष्ट्र में हुई चुनावी रैली में नरेंद्र मोदी को ‘विपक्ष का नेता’ करार दे दिया।
पहली ही रैली में राहुल गांधी की जुबान फिसलने से स्थानीय कांग्रेस नेताओं की भी किरकिरी हुई।
मोदी को बताया मार्केटिंग करने वाला नेता
विधानसभा चुनावों में पहली बार प्रचार अभियान के तहत राहुल गांधी बुधवार को रायगढ़ जिले के महाड में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि जब चीनी सैनिक देश के अंदर घुसपैठ कर रहे थे तो हमारे प्रधानमंत्री चीन के राष्ट्रपति को झूला झुला रहे थे।
राहुल ने कहा कि मोदी मार्केटिंग करने वाले नेता हैं। मोदी और अन्य विपक्षी नेता कहते हैं कि देश में पिछले 60 सालों में कुछ काम नहीं हुआ। यदि इन्हें लगता है कि 60 साल में कुछ काम नहीं हुआ है तो ये महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, बाबा साहब अंबेडकर और वल्लभ भाई पटेल का अपमान है, देश की जनता का अपमान है।
मोदी सरकार को भी लिया आड़े हाथों
राहुल गांधी ने पृथ्वीराज चव्हाण को एक ईमानदार और कर्मठ नेता बताते हुए कहा कि यदि जनता कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाती है तो कोंकण समेत महाराष्ट्र के विकास में और तेजी आएगी।
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के विकास के संबंध में कहा कि महाराष्ट्र आज भी गुजरात से बहुत आगे है। आरोप लगाया कि केंद्र की पूर्व सरकार ने गरीबों के हित में जो कानून बनाया था उसे मोदी सरकार धीरे-धीरे समाप्त कर रही है।
किसानों की जमीन आसानी से कोई न ले सके इसके लिए हमने कानून बनाया था। गरीबों को रोजगार मिल सके इसके लिए मनरेगा शुरू की थी लेकिन मौजूदा सरकार धीरे-धीरे इन्हें समाप्त करना चाहती है।