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कांग्रेस में बड़ी भूमिका ग्रहण कर सकते हैं राहुल
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Mon, 29 Oct 2012 12:44 AM IST
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मनमोहन सरकार में फेरबदल के बाद अब राहुल गांधी के कांग्रेस संगठन में नंबर दो की रूपरेखा सामने लाने की तैयारी हो गई है। 2014 का लोकसभा चुनाव हो या फिर उससे पहले कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव, अब राहुल कांग्रेस को मजबूत करने में जुट गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाद राहुल ने अपनी सक्रिय भूमिका के लिए अपनी नई टीम बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
लिहाजा, सरकार में बदलाव के बाद अब संगठन में जल्द फेरबदल की संभावना है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक राहुल की नई टीम में युवा और अनुभव दोनों का मिश्रण देखने को मिलेगा। राहुल की नई टीम में एक ओर अंबिका सोनी और जयराम रमेश जैसे अनुभवी दिग्गज बड़ी भूमिका निभाएंगे तो मीनाक्षी नटराजन, प्रदीप मांझी और जितेंद्र सिंह जैसे युवा कांग्रेस की चुनावी रणनीति को और धार देंगे।
कांग्रेस ने अब संगठन में राहुल गांधी की नंबर दो की भूमिका को सहजता से स्वीकार लिया है। रविवार को कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि स्वाभाविक तौर पर राहुल गांधी का कांग्रेस में स्थान सोनिया गांधी के बाद नंबर दो का है। अब आप चाहे उसे जो नाम दें। मनमोहन सरकार के मंत्रिमंडल में अपनी छाप छोड़ने के बाद राहुल अब संगठन में बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहे हैं। मगर सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि अनुभव का साथ लेकर वह आगे बढ़ने की तैयारी में हैं।
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अंबिका सोनी और मुकुल वासनिक का मंत्रिमंडल से इस्तीफा इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, जयराम रमेश भी आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सकते हैं। जनार्दन द्विवेदी भी राहुल की टीम का हिस्सा होंगे। यह सदस्य 1999 से कांग्रेस के चुनावी टीम के सदस्य रहे हैं और सोनिया गांधी के प्रमुख चुनाव सलाहकार माने जाते हैं। अब यह राहुल गांधी को भी सेवा देने के लिए तैयार हैं। अनुभवी चेहरों को रणनीति की कमान देने के साथ ही राहुल अपनी युवा टीम को भी नहीं भूले हैं।
सूत्रों के मुताबिक उन्होंने प्रदीप मांझी, जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र राठौर, मीनाक्षी नटराजन, राजीव सातव और अशोक तंवर समेत कई युवा शामिल होंगे। राहुल की नजर 2014 के लोकसभा चुनाव के साथ ही उससे पहले होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव के बाद दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में चुनाव होने हैं। राहुल का मकसद है कि कांग्रेस को इन राज्यों में जीत मिले, ताकि 2014 के चुनाव से पहले ठोस जमीन तैयार की जाए सके।
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लिहाजा, सरकार में बदलाव के बाद अब संगठन में जल्द फेरबदल की संभावना है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक राहुल की नई टीम में युवा और अनुभव दोनों का मिश्रण देखने को मिलेगा। राहुल की नई टीम में एक ओर अंबिका सोनी और जयराम रमेश जैसे अनुभवी दिग्गज बड़ी भूमिका निभाएंगे तो मीनाक्षी नटराजन, प्रदीप मांझी और जितेंद्र सिंह जैसे युवा कांग्रेस की चुनावी रणनीति को और धार देंगे।
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कांग्रेस ने अब संगठन में राहुल गांधी की नंबर दो की भूमिका को सहजता से स्वीकार लिया है। रविवार को कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि स्वाभाविक तौर पर राहुल गांधी का कांग्रेस में स्थान सोनिया गांधी के बाद नंबर दो का है। अब आप चाहे उसे जो नाम दें। मनमोहन सरकार के मंत्रिमंडल में अपनी छाप छोड़ने के बाद राहुल अब संगठन में बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहे हैं। मगर सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि अनुभव का साथ लेकर वह आगे बढ़ने की तैयारी में हैं।
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अंबिका सोनी और मुकुल वासनिक का मंत्रिमंडल से इस्तीफा इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, जयराम रमेश भी आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सकते हैं। जनार्दन द्विवेदी भी राहुल की टीम का हिस्सा होंगे। यह सदस्य 1999 से कांग्रेस के चुनावी टीम के सदस्य रहे हैं और सोनिया गांधी के प्रमुख चुनाव सलाहकार माने जाते हैं। अब यह राहुल गांधी को भी सेवा देने के लिए तैयार हैं। अनुभवी चेहरों को रणनीति की कमान देने के साथ ही राहुल अपनी युवा टीम को भी नहीं भूले हैं।
सूत्रों के मुताबिक उन्होंने प्रदीप मांझी, जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र राठौर, मीनाक्षी नटराजन, राजीव सातव और अशोक तंवर समेत कई युवा शामिल होंगे। राहुल की नजर 2014 के लोकसभा चुनाव के साथ ही उससे पहले होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव के बाद दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में चुनाव होने हैं। राहुल का मकसद है कि कांग्रेस को इन राज्यों में जीत मिले, ताकि 2014 के चुनाव से पहले ठोस जमीन तैयार की जाए सके।