फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   rahul began homework to beat narendra modi

मोदी को मात देने के लिए राहुल ने शुरू किया होमवर्क

Tue, 17 Sep 2013 08:04 AM IST
धीरज कनोजिया/नई दिल्ली
धीरज कनोजिया/नई दिल्ली Updated Tue, 17 Sep 2013 08:04 AM IST
विज्ञापन
rahul began homework to beat narendra modi

नरेंद्र मोदी की ताजपोशी के बाद से कांग्रेस को लोकसभा चुनावों के फाइनल से पहले सेमीफाइनल यानी पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के नतीजों का डर सताने लगा है।

विज्ञापन


नवंबर-दिसंबर में होने वाले इन चुनावों में शुरुआती नकारात्मक रिपोर्टों के चलते भी कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

इसी वजह से मोदी से लोहा लेने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने होमवर्क करना शुरू कर दिया है।

इसी कसरत के मद्देनजर चुनावी राज्यों के अहम नेताओं और प्रभारियों की पूरी टीम की दिल्ली में समीक्षा बैठक होने जा रही है।

बैठक में चुनावी तैयारियों के साथ ही मजबूत उम्मीदवारों के ऐलान में ज्यादा देरी नहीं करने पर भी बात होगी। इस साल के अंत में दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं।
विज्ञापन


ऐसे में पार्टी अपने सभी कील कांटे दुरुस्त करने की जुगत में है। राहुल की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव और स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य भी मौजूद होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मध्य प्रदेश में प्रदेश कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाने के बाद से यह समस्या कम होने की बजाय और बढ़ गई।

दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांति लाल भूरिया और विधायक दल के नेता अजय सिंह अभी से सिंधिया के खिलाफ जुट गए हैं। जबकि कमलनाथ और सुरेश पचौरी विधानसभा चुनाव में ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे।

गुटबाजी की सबसे मजेदार घटना जब हुई तब सिंधिया ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में दिग्विजय सिंह को घुसने नहीं दिया।

कहा जाता है कि अंदर सिंधिया ने दरवाजा बंद करने के लिए कह दिया और बाहर दिग्गी राजा अपने समर्थकों के साथ दरवाजा खटकटाते रह गए।

उधर, छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री अजित सिंह अपनी ढपली अपना राग अलाप रहे हैं।

भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने की बजाय वह केंद्रीय मंत्री चरण दास महंत, धनेंद्र साहू और भूपेश बघेल को ललकार रहे हैं। यहां तक कि उनकी रैलियों में सोनिया या राहुल का नाम तक नहीं लिया जा रहा।


राजस्थान में राज्य सरकार की सुस्ती बड़ा रोड़ा साबित हो सकती है। दिल्ली में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और जयप्रकाश अग्रवाल की गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed