मोदी पर राहुल ने सलमान को डांटा
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भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी को 'नपुंसक' कहने पर विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद पर विरोधियों के हमले शुरू हो गए थे। यहां तक कि भाजपा के अलावा समाजवादी पार्टी ने भी उनके इस बयान पर ऐतराज जताया।
हालांकि, नरेंद्र मोदी ने इस पर अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। आज दिल्ली में कारोबारियों को संबोधित करते हुए मोदी ने विकास का एजेंडा दोहराया, लेकिन सलमान पर उन्होंने कुछ नहीं कहा।
सलमान खुर्शीद के लिए अब तक राहत की बात यह थी कि उनके पार्टी आला कमान की तरफ से कोई बयान नहीं आया था। लेकिन अब यह राहत भी खत्म हो गई है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सलमान खुर्शीद का दिल तोड़ दिया है।
राहुल ने कहा, मुझे यह भाषा पसंद नहीं
गुरुवार को कांग्रेस की अहम बैठक के बाद जब मीडिया ने राहुल गांधी ने सलमान खुर्शीद की टिप्पणी के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, "इस तरह की भाषा मुझे बिलकुल पसंद नहीं है। मैं इसका समर्थन नहीं करता।"
खास बात यह है कि राहुल से पहले सोनिया गांधी मीडिया से बात कर रही थीं। उसके बाद वह, राहुल और कांग्रेस के वरिष्ठ मंत्री कुछ आगे बढ़ गए थे, लेकिन जैसे ही मीडिया ने यह सवाल उछाला, तो राहुल ने लौटकर जवाब दिया।
आपत्तिजनक बयान पर राहुल के नाराजगी जताने का यह पहला मामला नहीं है। पार्टी प्रवक्ताओं से बैठक में राहुल ने कहा था कि राजनीतिक विरोध जताया जा सकता है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।
बचाव में खड़े नेता अब क्या कहेंगे?
हाल तक कांग्रेस अपने नेता के बचाव में खड़ी थी। बुधवार को इस बारे में सफाई मांगने पर पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा था, "सलमान खुर्शीद वरिष्ठ मंत्री हैं। काफी समझदार शख्स हैं। अगर उन्होंने कुछ ऐसा कहा है, तो सही ही कहा होगा।"
सलमान ने खुद कहा था कि इस बयान पर माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा था, "मैंने उन्हें कातिल नहीं कहा। वो चाहते हैं कि मैं उन्हें कातिल कहूं। मेरा कहना था कि बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने नहीं किया।"
उन्होंने कहा, "या तो माने कि हमने जानकर किया। और अगर यह नहीं मानते, तो स्वीकार करें कि वो रोक नहीं पाए। और जो रोकने में सक्षम नहीं होता, उसे क्या कहते हैं। नपुंसक कहते हैं न। और मैंने वही कहा है। इसकी जगह कोई और लफ्ज है, तो वो बता दें। मैं वही कहने लगूंगा।"
भाषा को लेकर राहुल का सख्त रुख
लेकिन यह आक्रामकता बुधवार तक सीमित थी। जब राहुल गांधी ने बुधवार को साफ कर दिया कि वह सलमान खुर्शीद की बात से इत्तफाक नहीं रखते, तो देखते ही देखते पूरी कांग्रेस में यह बदलाव आ गया।
पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा कि हम अच्छे तरीके से भी विरोध कर सकते हैं और इस तरह के बयानों से बचा जाना चाहिए। एक अन्य नेता राजीव शुक्ला का कहना था कि कांग्रेसी नेताओं को 'बीजेपीवालों' की भाषा नहीं इस्तेमाल करनी चाहिए।
राहुल के सख्त रुख के बाद अब इस बात का दबाव बढ़ गया है कि सलमान खुर्शीद अपने बयान पर कोई न कोई सफाई दे। अब तक वो अपने बयान और लफ्ज को दुरुस्त ठहरा रहे थे, लेकिन राहुल की प्रतिक्रिया के बाद स्थिति बदल सकती है।