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'आजम खां को ताजमहल में बांधकर रखो'

Sat, 02 Feb 2013 08:08 AM IST
आगरा/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
आगरा/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 02 Feb 2013 08:08 AM IST
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raghu rai angry over azam khan taj mahal statement

ताजमहल की खूबसूरती को कई दशकों से कैमरे में कैद करने वाले चर्चित फोटोग्राफर रघु राय को उत्तर प्रदेश के नगर विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ, हज एवं संसदीय कार्यमंत्री आजम खां का बयान शूल की तरह चुभा है।

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आगरा में ताज साहित्य उत्सव के आगाज में आए रघु राय ने शुक्रवार को ताजमहल पर आधारित अपनी पुस्तक के विमोचन के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आजम खां को ताजमहल में बांधकर रखना चाहिए और उन्हें ताज की खूबसूरती और आर्किटेक्चर दिखाना चाहिए। तब वह बयान पर खुद शर्मिंदा होंगे।
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आजम खां के इस तरह के बयान से साफ जाहिर है कि उनमें शिक्षा की कमी है। कमल हासन की फिल्म विश्वरूपम का समर्थन करते हुए रघु राय ने कहा कि सभी को अभिव्यक्ति का अधिकार है। फिल्म को सभी जगहों पर रिलीज करना चाहिए और सरकारों को सुरक्षा की व्यवस्था करनी चाहिए।
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वो इश्क कहां से लाऊं?
80 के दशक से ताजमहल की फोटोग्राफी कर रहे रघु ने कहा कि एक बार उनसे कहा गया कि वह ताजमहल की तरह लोटस टेंपल पर बुक क्यों नहीं बनाते। उन्होंने जवाब दिया कि वह बुक तो बना दें, लेकिन वो कदमों के निशान और इश्क कहां से लाएं। ताज के एक-एक पत्थर और कदमों के निशान से रूबरू होने के बाद बुक बन पाई है।

क्या कहा था आजम ने

मालूम हो कि आजम ने ताजमहल को एक तरह से जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी खजाने का दुरूपयोग करार दिया था। उन्होंने बाबरी विध्वंस को याद करते हुए कहा था कि उस समय यदि मसजिद गिराने के बजाय ताजमहल गिराते तो वह उनमें सबसे आगे होते, क्योंकि शाहजहां ने सरकारी खजाने का दुरुपयोग कर अपनी महबूबा के लिए यह इमारत बनाई थी।


फिर उन्होंने शाहजाहां की तुलना मायावती से की और कहा कि अगर शाहजहां को यह हक नही दिया जा सकता तो फिर मायावती को भी सरकारी खर्चे से अपनी मूर्ति लगाने का हक नही दिया जा सकता।


ज्ञात हो कि मायावती ने अपने साथ राजनीतिक गुरु कांशी राम की मूर्ति भी सरकारी खजाने से लगवाई थी। इससे पहले 2005 में जब शिया और सुन्नी समुदाय ने ताजमहल पर अपना मालिकाना हक जताया था तो उस समय आजम ने ताज महल को दो कब्रों वाला कब्रिस्तान बताया था।

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