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EXCLUSIVE: यूपी के इंदिरा पार्क में लगे दर्जनों पुत्रजीवक पेड़

Mon, 04 May 2015 11:52 AM IST
Updated Mon, 04 May 2015 11:52 AM IST
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Putrjivak Trees have stood in Bijnor.

योग गुरु बाबा रामदेव की पुत्रजीवक नामक दवाई को लेकर संसद से सड़क तक बयानबाजी चल रही है। पुत्रजीवक नाम का पेड़ बिजनौर के इंदिरा पार्क में खड़े हैं।

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संतान सुख से वंचित महिलाएं इसके बीज का सेवन करती है। बीज की माला पहनने की परंपरा भी है। यह वृक्ष कई बीमारियों में लाभदायक है। धार्मिक ग्रंथों में बीज का जिक्र मिलता है।
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राज्यसभा में पतंजलि योग पीठ और दिव्य भारती की ओर से बनाई गई पुत्रजीवक बीज औषधि को लेकर हंगामा हो चुका है। जदयू सांसद केसी त्यागी ने सरकार को घेरने की कोशिश की। बाबा रामदेव औषधि पर अपना स्पष्टीकरण भी दे चुके हैं। वास्तविकता यह है कि पुत्रजीवक बीज नाम की यह वनस्पति बिजनौर में भी खूब मिलती है।
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लंबे अर्से से पुत्रजीवक वृक्ष के बीज संतान की चाह वाले इस्तेमाल करते आए र्है । पुराने वैद्य भी बांझपन का शिकार महिलाओं को इस पेड़ के बीज का सेवन करने की सलाह देते हैं। इस वृक्ष के बीज का जिक्र संतान प्राप्ति के लिए आयुर्वेद के ग्रंथों में भी है।

बिजनौर में हैं पुत्रजीवक पेड़

Putrjivak Trees have stood in Bijnor.

बिजनौर के इंदिरा पार्क में तो दो दर्जन से ज्यादा पुत्रजीवक के वृक्ष र्है । वैद्य अजय गर्ग बताते हैं कि पुराने ग्रंथों में पुत्रजीवक बीज का जिक्र है। इंदिरा पार्क के अलावा शुक्रताल की वाटिका में ये पेड़ खूब खडे है।

हरिद्वार के शांति कुंज में इन वृक्षों की बहुलता है। मुख्य बाजार में बैठने वाले वैद्य रूपचंद के मुताबिक पहले से ही इस वृक्ष के बीजों का महिलाएं संतान के लिए इस्तेमाल करती आई है। उनका कहना है कि गर्भाशय में आई कमी दूर करने में यह बीज सहायक है।

चांदपुर के वैद्य अजय वर्मा के मुताबिक सदियों से वृक्ष के बीज का महिला इस्तेमाल करती आ रही है । सेवन के अलावा महिलाएं वृक्ष की पूजा भी करती है। शिव पुराण में कहा गया है कि पुत्र जीवक वृक्ष की लकड़ी काठ की माला महिलाओं के पहनने से पुत्र की प्राप्ति होती है।

बिच्छू दंश के दर्द से निजात

Putrjivak Trees have stood in Bijnor.

डीएफओ विजय सिंह के मुताबिक इस वृक्ष का नाम पुत्र रंजीवा है । वृक्ष का धार्मिक महत्व है। महिला इस वृक्ष की पूजा करती है। महिलाओं को वृक्ष की पूजा करते देखा गया है।

पुत्र जीवक वृक्ष के फल को छीलकर उसके अंदर का गुद्दा पीसने के बाद पानी में मिलाकर इसका सेवन किया जाए तो बिच्छू के काटने पर उसके दर्द में लाभ मिलता है। बिच्छू के काटने पर निजात दिलाने के लिए यह बड़ी दवा हैं।

ऐसा होता है वृक्ष
पुत्रजीवक वृक्ष 20 से 30 फीट ऊंचा होता है। गठिया होने के साथ ठंड लगने व बुखार होने पर इस वृक्ष के पत्ते और फल का इस्तेमाल होता है।

इनके सेवन से ये बीमारी दूर होती है। महिलाओं को संतान पाने के लिए इस वृक्ष के बीज की माला भी पहनाई जाती है।

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