सट्टेबाज मोदी नहीं, केजरी पर लगाएंगे बड़ा दांव
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दिल्ली विधानसभा चुनावों में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि हाल में जन्मा एक राजनीतिक दल तमाम राजनीतिक समीकरण बदलते हुए 70 में से 28 सीटें लाने में कामयाब होगा।
शायद खुद आम आदमी पार्टी ने भी ऐसा नहीं सोचा था। लेकिन नतीजे चौंकाने वाले रहे। राजधानी में भले भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी, लेकिन पहले ही इम्तहान में अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने कमाल कर दिया।
यही वजह है कि विधानसभा के बाद लोकसभा चुनावों में किस्मत आजमा रही आम आदमी पार्टी जीत की उम्मीद बांध रही है। केजरीवाल इन चुनावों में सौ से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर चुके हैं। लेकिन ऐसा मानने वाले वो अकेले नहीं हैं। सट्टेबाजों की मानें, तो भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की कोख से पैदा हुई यह पार्टी लोकसभा चुनावों में भी गुल खिला सकती है।
सट्टेबाजों की निगाह केजरीवाल पर
दिल्ली में आम आदमी के अप्रत्याशित प्रदर्शन की वजह से सट्टेबाज उम्मीद कर रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में पार्टी लोकसभा चुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन करेगी।
हालांकि, सट्टे का भाव अभी खुला नहीं है, लेकिन सटोरिए आम आदमी पार्टी में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि एक चुनाव पुरानी पार्टी 7 अप्रैल से शुरू होने वाले लोकसभा महासमर में भी अच्छी-खासी सीटें जीतेगी।
सट्टेबाज देश भर में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों पर दांव लगाने को तैयार हैं। उन्हें लगता है कि बनारस समेत कुछ सीटों में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है, जहां भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी मैदान में हैं।
सभी की बनारस पर खास निगाह
बनारस के अलावा चंडीगढ़ सीट भी दिलचस्प खेल दिखा सकती है, जहां पूर्व रेल मंत्री के अलावा भाजपा की किरण खेर और आम आदमी पार्टी की गुल पनाग के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।
इसके अलावा नई दिल्ली सीट भी है, जहां कांग्रेस के शीर्ष नेता अजय माकन हैं और उनके सामने आम आदमी पार्टी के आशीष खेतान हैं। एक सटोरिए ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि वो भाव खुलने का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें आम आदमी पार्टी पर दांव लगाकर मोटा फायदा कमाने की उम्मीद है।
उसने कहा, "सटोरिए और दांव लगाने वाले लोग, दोनों चुनावों में आम आदमी पार्टी की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं।"
भाजपा को हो सकता है नुकसान
सट्टेबाज के मुताबिक सटोरियों का मानना है कि आम आदमी पार्टी, भाजपा की संभावनाओं को चोट पहुंचा सकती है। हालांकि कांग्रेस विरोधी लहर का फायदा भगवा दल को होना ही है।
दिल्ली विधानसभा चुनावों में सट्टेबाजों ने आम आदमी पार्टी में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। भाजपा पर 2.25 पैसे का दांव था, जबकि कांग्रेस पर 2.40 पैसे का दांव लगाया गया था।
आम आदमी पार्टी का भाव 3.40 पैसे था, क्योंकि उनका मानना था कि अरविंद केजरीवाल के जीतने की संभावनाएं बेहद कम हैं। सट्टेबाजी में जिस पर सबसे कम रेट का दांव लगता है, ऐसा माना जाता है कि उसके जीतने की संभावनाएं सबसे ज्यादा है।
खास सीटों के लिए भाव अलग
फर्ज कीजिए कि अगर कोई भाजपा पर 1 लाख रुपए का दांव लगाता है और पार्टी जीतती है, तो उसे 2.25 लाख रुपए मिलेंगे। जब आम आदमी पार्टी जीती थी, तो दांव लगाने वाले को 3.40 लाख रुपए मिले थे। यानी मोटा फायदा।
बनारस, चंडीगढ़, अमेठी, नई दिल्ली, चांदनी चौक और गाजियाबाद जैसे हाई-प्रोफाइल सीट अलग सट्टेबाजी देख रही हैं, क्योंकि इनके लिए अलग भाव तय किया गया है। हालांकि, चुनाव करीब आते-आते इन भाव में तब्दीली भी आ सकती है।
देश में सट्टेबाजी गैरकानूनी है, ऐसे में पुलिस सटोरियों की गतिविधियों पर पैनी निगाह रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की किसी गतिविधि पर वो सख्त कार्रवाई करेंगे।