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‘आस्था’ की ताकत से ‘सबला’ बन रहीं पंजाबी युवतियां

Sat, 12 Jan 2013 08:17 PM IST
चंडीगढ़/सीमा सिंदवानी
चंडीगढ़/सीमा सिंदवानी Updated Sat, 12 Jan 2013 08:17 PM IST
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punjabi women are allowed sword for safety

दिल्ली में हुई गैंगरेप की घटना से आहत पंजाबी युवतियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर खुद को ताकतवर बनाना शुरू कर दिया है। इसके लिए वे धर्म की शरण में जाकर खुद अमृत छकने की ओर कदम बढ़ा रही हैं। अमृत छकने का एक फायदा तो यह है कि धर्म में उनका विश्वास पक्का हो रहा है, दूसरा इससे उनको कृपाण रखने की इजाजत मिल रही है, जिससे उनमें आत्म सुरक्षा का भाव भी पैदा हो रहा है।

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एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ इसे पंजाबी युवतियों के लिए सकारात्मक पहल मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी संचालित स्कूलों में मुटियारों को मार्शल आर्ट गतका में ट्रेंड करके खुद के साथ दूसरी लड़कियों की सुरक्षा के लायक बनाया जाएगा।
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दिल्ली में हुई दरिंदगी के बाद पानीपत की किरण अमृत छककर कृपाण धारण की है। उनका कहना है इससे उनकी धर्म में आस्था को बल मिला है और खुद की आत्मरक्षा का हथियार भी। हर महिला अपने आप में एक सिपाही है, क्योंकि उसे अपने आत्म सम्मान के लिए हर समय हर पल और हर जगह लड़ना पड़ता है। ऐसे में अगर उसके पास एक कृपाण है तो भी वह अपने आपको मजबूत और सुरक्षित महसूस करती है।
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चंडीगढ़ की सरबजीत का कहना है कि युवतियां कहीं भी सुरक्षित नहीं है। खुद की सुरक्षा के लिए कुछ तो करना होगा। पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान ‘सानी लुधियानवी’ ने कहा कि लड़कियों को खुद की रक्षा के लिए खंजर रखने की इजाजत मिलनी चाहिए।

हथियार रखने की चाहत बढ़ी
गैंगरेप की बढ़ती घटनाओं के बाद कई लड़कियों ने बंदूक के लाइसेंस के लिए भी अप्लाई करना शुरू कर दिया है। पंचकूला की रहने वाली अमिता का कहना है कि दिल को झकझोर देने वाली ऐसी घटनाओं से दिल दुखी तो जरूर होता है, लेकिन कामकाज छोड़कर घर तो नहीं बैठा जा सकता।


इसलिए अमिता जल्द ही लाइसेंस के लिए एप्लाई करने वाली है। गौरतलब है कि 18 दिसंबर से अब तक दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिंग विभाग के पास करीब 274 महिलाओं ने आर्म्स लेने के लिए आवेदन किया है।

अगर कोई बच्ची इस प्रकार अमृत छकना चाहती है तो हम उसका स्वागत करते हैं। हम जल्द स्कूलों में लड़कियों की सुरक्षा को देखते हुए मार्शल आर्ट गतका शुरू करने वाले हैं।--अवतार सिंह मक्कड़, एसजीपीसी अध्यक्ष

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