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यूपी में तालिबानी कानून, पेड़ से बांध महिलाओं को मारे कोड़े!

Tue, 19 May 2015 04:57 PM IST
Updated Tue, 19 May 2015 04:57 PM IST
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punishment of scourge to women in up

मुरादाबाद के कांठ में छजलैट के गांव सलावा की एक कबीलाई बस्ती में बिरादरी की पंचायत में दो महिलाओं को पेड़ से बांधकर कोड़े मारे जाने की सजा दिए जाने की खबर पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

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सोमवार को पुलिस और महिला आयोग की टीम ने गांव पहुंच कर संबंधित पक्षों से बातचीत की। बताया गया है कि पीड़ित महिलाओं ने जबरदस्त दबाव के चलते अपने होठ सिल लिए हैं। हालांकि दबी जुबान में नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने पंचायत और बांधे जाने की बात स्वीकार की है।
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छजलैट के गांव सलावा के एक छोर पर कबीलाई बस्ती है। इसमें करीब चालीस घर हैं। रविवार को एक परिवार की दो बहुओं (देवरानी-जेठानी) और सास का झगड़ा बिरादरी की पंचायत में रखा गया था। बिरादरी के आपसी व घरेलू विवाद इसकी अपनी पंचायत में ही सुलझाने की परंपरा रही है।
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सास बहुओं के झगड़े को लेकर जुटी इस पंचायत में दोनों के पति भी रहे थे। बताया तो यहां तक गया कि इन्हीं के कहने पर पंचायत जुटी थी। इस पंचायत में दोनों बहुओं की गलती मानते हुए पेड़ से बांधकर कोड़े मारने की सजा सुनाई गई थी। इस फरमान पर अमल भी किया गया।

खबर फैलते ही पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूले

punishment of scourge to women in up

समाचार जब पुलिस प्रशासन तक पहुंचा तो उसके हाथ-पांव फूल गए। हैरत की बात यह थी कि इस सबके बारे में संबंधित थाना छजलैट की पुलिस अनजान थी। अखबारों की सुर्खियां बनने पर पुलिस और प्रशासन में हडकंप मच गया। अधिकारी चिलचिलाती धूप में गांव की ओर दौड़ पड़े।

संबंधित दोनों महिलाओं को थाने लाकर चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। रिपोर्ट में एक भी चोट का निशान न आने की बात पुलिस कह रही है। बताया गया है कि महिलाओं से पुलिस ने लिखवाकर ले लिया है कि उनके साथ किसी भी प्रकार की न तो मारपीट हुई या पेड़ से बांधकर कोड़े मारे गए। लेकिन दोनों बहुओं और सास ने आपसी झगड़े की बात स्वीकारी है।

एसपी देहात प्रबल प्रताप सिंह, सीओ रफीक अहमद यहां तक कि महिला आयोग की टीम के सामने भी पीड़िताओं ने पेड़ों से बांधे जाने अथवा कोड़े मारे जाने से इनकार किया है। अपने साथ किए गए की गई बदसलूकी से इनकार दिया है। अलबत्ता इसी बस्ती की तीन महिलाओं और कुछ युवकों ने पंचायत में फरमान सुनाने, बहुओं को पेड़ से बांधे जाने बुरा भला कहे जाने की बात स्वीकारी है।

बेहद खौफनाक है पंचायत की न्याय व्यवस्था

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कबीलाई बस्ती में आपसी विवादों व गलतियों पर बिरादरी की पंचायतें दंडित करती रही हैं। बताया गया है कि चोरी की बात सामने आने पर गर्म लोहे की छड़ों को दोषी से नंगे हाथ उठवाया जाता है।

ऐसे ही बहुत सारी बातें और दंड के प्रावधान जमाने से चले आ रहे हैं। ग्राम प्रधान मोहम्मद यासीन ने बताया कि इस बिरादरी में पंचायत में आपसी मामले दंड के आधार पर जमाने से निपटाए जाते रहे हैं।

'पंचायत के द्वारा महिलाओं को सार्वजनिक दंड दिए जाने की बात सामने आई है। इसकी गहनता से जांच की जा रही है। यदि दोष निर्धारण हुआ तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई निश्चित की जाएगी। फिलहाल संबंधित महिलाओं को कोई चोट नहीं है। वे किसी भी सजा से इंकार भी कर रही हैं। किसी ने भी कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र नहीं दिया है। पुलिस अपने स्तर से जांच में जुटी है।'
--प्रबल प्रताप सिंह एसपी देहात

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