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गमले में सब्जी उगाने और बीज शोध पर रघुपत को स्वर्ण पदक

Wed, 03 Feb 2016 04:38 AM IST
Updated Wed, 03 Feb 2016 04:38 AM IST
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pundit raghupati gets gold medal

क्षेत्र के समाथल गांव निवासी कृषि पंडित रघुपत सिंह ने गमले में सब्जी उगाने और सब्जी के बीज शोध करने पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने स्वर्ण पदक प्रदान किया। यह पुरस्कार मिलने पर समाथल गांव में एक समारोह में रघुपत सिंह का सम्मान किया गया।

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साधारण कृषक परिवार में जन्मे 72 वर्षीय रघुपत सिंह 1984 से अपनी चार एकड़ पैतृक कृषि भूमि में सब्जी और फसल उगाने के दौरान तरह तरह के प्रयोग करते रहे हैं।
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लौकी, तोरई, करेला, भिंडी आदि सब्जियों के नए बीज तैयार करने और नई तकनीक से सब्जियां उगाने पर वर्ष 1993 में कृषि विभाग द्वारा रघुपत सिंह को कृषि पंडित की उपाधि दी गई।
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बीती 30 जनवरी को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधीन भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान शहंशाहपुर जनपद वाराणसी द्वारा राष्ट्रीय किसान मेला आयोजित किया गया।

इसमें सब्जी के बीच शोधन करने में रिकार्ड बनाने और गमले में सब्जी की खेती उगाने की विशेष उपलब्धि पर बिलारी के रघुपत सिंह को प्रदेश स्तर का स्वर्ण पदक मिला, जबकि सोनभद्र की महिला किसान रजनी देवी को रजत पदक और देवरिया के अनुज कुमार को कांस्य पदक मिला।

परवल की खेती के लिए भी मिला था पुरस्कार

pundit raghupati gets gold medal

समाथल गांव के परिषदीय स्कूल में मंगलवार को हुए समारोह में ग्रामीणों ने कृषि पंडित रघुपत सिंह को स्वर्ण पदक मिलने पर खुशी जताई और उन्हें उत्तर प्रदेश का गौरव बताया।

वहीं रघुपत सिंह ने बताया कि घटती कृषि जोत के दौर में किसानों पर खेती की जमीन कम बची है। ऐसे में नई तकनीक के जरिए कम कृषि जोत में अधिक सब्जी पैदा करने के लिए वह लंबे समय से काम कर रहे हैं।

फसलों के बीज शोधन में उन्हें काफी सफलता मिली है। 2013 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जमीकंद और परवल की खेती करने के लिए उन्हें पुरस्कार और प्रशस्तिपत्र दिया था।

रघुपत सिंह बिलारी के कृषि विज्ञान केंद्र और मेरठ के कृषि विश्वविद्यालय अधिकारियों और वैज्ञानिकों के शोध कार्यों और किसानों के बीच प्रदर्शन कार्य से संतुष्ट नजर नहीं आए।

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