यात्रीगण कृपया ध्यान दें, अगला स्टेशन...
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स्टेशनों के बारे में जानकारी न रखने वाले रेल यात्रियों की समस्या अब कुछ ही दिनों में दूर होने जा रही है। गहरी नींद में सो जाने पर भी स्टेशन छूट जाने का खतरा नहीं रहेगा। इस समस्या के निस्तारण के लिए रेलवे ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम पर आधारित पैसेंजर इन्फार्मेशन और पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने जा रहा है। कोच के भीतर ही इसकी उद्घोषणा होती रहेगी कि अगला स्टेशन कितनी देर में आएगा। गाजियाबाद-नई दिल्ली के बीच एक ईएमयू लेडीज स्पेशल ट्रेन में इसके ट्रायल शुरू हो गए हैं। रेलवे इस योजना को 45 ट्रेनों में शुरू करने की तैयारी में है।
रेलवे पिछले दो सालों में चुनिंदा ट्रेनों में ही माइक्रोप्रोसेसर आधारित एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगा सका है। इस पर ट्रेनों के नाम, नंबर ही दिखते हैं। गिनती की शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस में पैसेंजर इन्फार्मेशन सिस्टम लगाए गए, लेकिन उद्घोषणा प्रणाली का प्रयोग शुरू नहीं किया जा सका। अब उत्तर रेलवे ने इस सुविधा का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने की तैयारी शुरू की है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक गाजियाबाद स्थित ईएमयू कार शेड में गाड़ी संख्या 64449/64450 गाजियाबाद-नई दिल्ली लेडीज स्पेशल ट्रेन में पैसेंजर इन्फार्मेशन सिस्टम के साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम का ट्रायल शुरू कर दिया गया है।
पैसेंजर इन्फार्मेशन सिस्टम में अगले स्टेशन के नाम, प्लेटफार्म की दिशा, मौजूदा समय और संरक्षा से जुड़ी जानकारियां मिलेंगी। साथ ही ट्रेन किस स्टेशन से गुजरने वाली है, की सूचना भी मिलेगी। इन सूचनाओं के प्रसारण के लिए कोचों में स्पीकर भी लगाए गए हैं। जीपीएस आधारित इस सेवा में मौजूदा एलईडी वाले डेस्टीनेशन बोर्ड हटाए जाएंगे। अफसर बताते हैं कि माइक्रोप्रोसेसर नियंत्रित प्रणाली में पूरी टाइम टेबल दर्ज की जाएगी। ड्राइवर इसमें ट्रेन नंबर दर्ज करेंगे। इसके बाद रूट की पूरी सूचना स्वचालित तरीके से यात्रियों को मिलती रहेगी।
भविष्य में स्वागत और फेयरवेल मैसेज, संगीत सुनाने की व्यवस्था भी होगी। साथ ही ट्रेन में आग लगने जैसी किसी आपातस्थिति में यात्री भी अपनी सूचना इसके जरिए प्रसारित करा सकेंगे। ट्रायल सफल होने के साथ ही इस प्रणाली का विस्तार अन्य ट्रेनों में शुरू कर दिया जाएगा। उत्तर मध्य रेलवे के अफसरों का कहना है कि ईएमयू में हो रहे ट्रायल सफल हुए तो जोन की ट्रेनों में भी इसे शुरू किया जाएगा।