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तेलंगाना का विरोध, 9 कांग्रेसी विधायकों का इस्तीफा
हैदराबाद/नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Fri, 02 Aug 2013 12:26 AM IST
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आंध्र प्रदेश का बंटवारा कर नया तेलंगाना राज्य बनाने के फैसले के खिलाफ विरोध की लपटें बृहस्पतिवार को और तेज हो गईं।
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इस निर्णय को जनभावना के विपरीत बताते हुए आंध्र प्रदेश के एक मंत्री के अलावा नौ कांग्रेसी विधायकों और तीन विधान परिषद सदस्यों ने पदों से इस्तीफा दे दिया। रॉयलसीमा और तटीय आंध्र में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है।
आंध्र प्रदेश के ढांचागत एवं निवेश मामलों के मंत्री गंता श्रीनिवास राव ने मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी को लिखे इस्तीफा पत्र में कहा है कि राज्य के बंटवारे का फैसला लोगों की भावनाओं के विपरीत है। ऐसे में वह मंत्री पद पर नहीं बने रह सकते।
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राव के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के नौ एमएलए और तीन एमएलसी ने भी इस्तीफों का ऐलान कर दिया।
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माना जा रहा है कि कुछ और मंत्री भी त्यागपत्र दे सकते हैं। तटीय आंध्र और रॉयलसीमा क्षेत्र के इन मंत्रियों ने मुख्यमंत्री रेड्डी से मिलकर तेलंगाना मसले पर लंबी चर्चा भी की।
वहीं, कृष्णा, ईस्ट गोदावरी, विशाखापट्टनम, कडप्पा और अनंतपुर जिलों में लोगों ने सड़कों पर उतर विरोध प्रदर्शन किए। विशाखापट्टनम में आंध्र यूनिवर्सिटी के छात्रों का अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा।
कई जिलों में वकीलों ने काम का बहिष्कार कर दिया है। रॉयलसीमा और तटीय आंध्र के इलाकों में रह रहे तेलंगाना इलाके के छात्र भी अपने घरों को लौटने लगे हैं, उन्हें डर है कि हिंसा के दौरान उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आंध्र प्रदेश के डीजीपी वी दिनेश रेड्डी ने हिंसा करने वाले प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने की बात कही है।
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गुंटूर से कांग्रेस सांसद आर संबाशिवराव पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं एक मंत्री जी श्रीनिवास राव भी अपना इस्तीफा भेज चुके हैं।
इधर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में पढ़ाई कर रहे तेलंगाना के करीब 50 हजार विद्यार्थी अपने घर लौट रहे हैं।
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विजयशांति टीआरएस से निलंबित
तेलंगाना राष्ट्र समिति ने सांसद एम विजयाशांति को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निलंबित कर दिया है। टीआरएस अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव ने बताया कि विजयाशांति को पार्टी से हटाने का फैसला पोलित ब्यूरो की बैठक में किया गया।
विजयाशांति कई महीनों से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थीं और पार्टी से उचित दूरी बनाकर चल रही थीं। टीआरएस ने विजयाशांति को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था, जिसमें उनसे पूछा गया था कि उन्हें क्यों न निलंबित कर दिया जाए।
तेलंगाना पर बिल मानसून सत्र में नहीं
तेलंगाना राज्य बनाने के लिए संसद के मानसून सत्र में बिल लाए जाने की कोई संभावना नहीं है। तेलंगाना राज्य बनने में करीब छह महीने का वक्त लगेगा। मानसून सत्र के बाद अगले संसद सत्र में बिल पेश किया जा सकता है।--सुशील कुमार शिंदे, केंद्रीय गृह मंत्री