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दंगे: सपा के बहिष्कार का एलान, आजम का फूंका पुतला
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 28 Sep 2013 12:04 PM IST
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दंगे में फर्जी नामजदगी और एकपक्षीय कार्रवाई को लेकर देहात की महिलाओं का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। महिलाओं ने शुक्रवार को सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है।
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उग्र महिलाओं ने कैबिनेट मंत्री आजम खां के पुतले फूंके और लोकसभा चुनाव में सपा के बहिष्कार का ऐलान किया। जेल भरो आंदोलन की रणनीति तैयार की गई है। महिलाओं ने कहा कि पुलिस को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।
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शुक्रवार को जिले के करीब आधा दर्जन गांवों में आहूत अलग-अलग पंचायतों में कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ महिलाओं ने गुस्से का इजहार किया।
महिलाओं का कहना था कि कवाल कांड में एकपक्षीय कार्रवाई के कारण जिले में दंगा हुआ। सरकार की गलत नीति अभी भी जारी है। दोषियों को पकड़ने के बजाए निर्दोष लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है। सीबीआई से जांच के बाद ही असलियत सामने आएगी। जिस वक्त दंगा हुआ किसान खेतों में चारा लेने के लिए गए थे।
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तय किया गया कि खाप चौधरियों, थांबेदारों और निर्दोष लोगों को पकड़ने पुलिस गांव में घुसी तो पहले महिलाएं गिरफ्तारी देंगी।
'बेहतर होगा कि मुख्यमंत्री गद्दी छोड़ दें'
उधर, शामली में भी ग्रामीणों के विरुद्ध दर्ज हो रही रिपोर्ट से महिलाएं पुलिस-प्रशासन के रवैये से आजिज आ गई हैं। सिंभालका गांव की महिलाओं ने सूबे की सरकार के खिलाफ शुक्रवार को आरपार की लड़ाई शुरू करने का ऐलान किया है।
गांव में हुई पंचायत में महिलाओं ने निर्णय लिया कि किसी भी सूरत में निर्दोषों की गिरफ्तारी नहीं होने दी जाएगी। कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं सुधरने पर बेहतर होगा कि मुख्यमंत्री गद्दी छोड़ दें।
पंचायत की अध्यक्षता कर रही ईश्वरीदेवी ने कहा कि एक आदमी थाने पहुंचकर सैकड़ों लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने में सफल हो जाता है। पुलिस भी बगैर जांच किए सपा सरकार के दबाव में काम कर रही है।