विधायक का महिलाओं पर विवादित बयान, हंगामा
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महुआडीह प्रकरण में कुछ दिन पहले महिलाओं को लेकर विवादित देने के बाद विरोध का सामना कर रहे पथरदेवा विधायक शाकिर अली ने अपने बयान को लेकर मंगलवार को सफाई दी है। विधायक के हवाले से जिला पंचायत सदस्य कमलेश पांडेय ने कहा कि मीडियावालों ने बयान को गलत तरीके से पेश किया है।
देश की महिलाओं को देवी की संज्ञा दी गई है। इस्लाम में भी मां के कदमों में जन्नत होने की बात कहीं गई है। महिलाओं का अपमान कैसे कर सकता हूं। लेकिन अगर मां कहीं गलत कार्य करती है तो बेटों को तकलीफ जरूर होती है। उन्होंने कहा कि एक गांव विशेष के शराबी युवकों ने घटना को अंजाम दिया है।
हादसे में विनय दुबे की मौत, घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की स्कार्पियों को छोड़ने और विधायक शाकिल अली के विवादित बयान को लेकर तीसरे दिन भी विरोध प्रर्दशन होता रहा। बैतालपुर में हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष मुन्ना राय ने विधायक का पुतला फूंका।
पुलिस ने की कई जगह दबिश
वहीं तरकुलवा में कांग्रेसी नेताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबारी करते हुए क्षेत्र के दो लोगों बेगुनाहों को फंसाए जाने की बात कहीं। तरकुलवा कस्बे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक शाकिर अली का पुतला फूंका।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। पशुराम सेना के बजरंगी दास ने भी घटना का विरोध किया।
ऐपवा की प्रदेश सचिव गीता पांडेय ने महुआडीह चौकी फूंकने के मामले में कहा कि सपा सरकार में कानून लोगों के पैरों तले होते है। जिससे इस तरह की घटना होती हैं। वहीं अधिवक्ता बृजबांके तिवारी ने भी पुलिस के अमानवीय चेहरे को सामने आने की बात कहीं है।
उधर महुआडीह पुलिस चौकी फूंकने के मामले में पुलिस ने फिर से शिकंजा कसना श्ुरु कर दिया है। सोमवार की रात इलाके के कई गांव में पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दी।
कई लोगों से पूछताछ की गई। चार लोगों को चौकी फूंकने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया। घटना के पांचवें दिन भी इलाके में तनाव बना रहा। पुलिस की सख्ती से असंतोष दूसरे इलाकों में बढ़ रहा है।