सिगरेट से दाग, गरम पानी में झुलसाकर बनाते हैं वेश्या
जिस्मफरोशी के धंधे के लिए नेपाली लड़कियों की तस्करी की जा रही है। इनको कोठे में कदम रखने के बाद कैद कर लिया जाता है। विरोध करने पर यातनाएं तक देते हैं। गुरुवार को कोठों से मुक्त कराईं लड़कियों ने यही बताया है।
बता दें कि आगरा शहर के दो थाना क्षेत्रों की सीमा में आने वाले रेड लाइट एरिया में नेपाल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र की लड़कियों से जबरन जिस्फरोशी कराई जाने की सूचना पर सामाजिक संगठन रेस्क्यू फाउंडेशन की टीम ने गुरुवार को पुलिस की मदद से कोठों पर छापेमारी की थी। चोर कमरे में (छिपने के लिए बनाई गई गुप्त जगह) लड़कियों को छिपाया गया था। पुलिस ने 11 लड़कियां मुक्त कराईं थीं। तीन संचालिका और एक दलाल पकड़ा था। सूत्रों की मानें तो पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि नेपाल की लड़कियों को दलाल अच्छी नौकरी और शादी कराने का झांसा देकर भारत लाते हैं।
पहले दिल्ली, फिर आगरा लाकर एक लाख रुपये तक में उन्हें कोठे पर बेच जाते है। अब संस्था के लोग लड़कियों की काउंसलिंग करेंगे। शुक्रवार को पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें नारी निकेतन भेज दिया गया।
यातनाएं ऐसी कि रूह तक कांप जाए
शहर में बड़े स्तर पर लड़कियों को लाया जा रहा है। कोठे में बंधक बनाकर रखा जाता है। विरोध करने पर मारपीट करते हैं। सिगरेट से दागते हैं और गरम पानी से झुलसा देते हैं। लड़कियों को ड्रग्स और शराब का आदी बना देते हैं, जिससे वह न चाहकर भी बाहर नहीं जा पातीं। अगर, कोई बाहर निकल भी जाए तो गली में बैठे दलाल पकड़ लेते हैं। इसके बाद यातनाएं दी जाती हैं। पहचान छिपाने के लिए नाम और घर का पता भी गलत बताने का दबाव बनाया जाता है।
किसी काम की नहीं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट
जिले में मानव तस्करी रोकने के लिए पुलिस लाइन में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट है। यहां एक इंस्पेक्टर, एक एसआई और सिपाही तैनात हैं। उन पर अपना एक चार पहिया वाहन भी है। इसके बावजूद यूनिट की ओर से कभी मानव तस्करी से संबंधित मामला नहीं पकड़ा गया है।
फीरोजाबाद की महिला को छोड़ गया था पति
फीरोजाबाद की महिला को उसका पति छोड़कर गया था। वह अब घर वापस लौटना चाहती है। संस्था उसे घर पहुंचाने का प्रयास करेगी। वहीं एक लड़की से रिक्शा चालक ने शादी कर ली थी। लेकिन अपने साथ लेकर नहीं गया।