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राहत की खबर: बैंकों में चार दिन होने वाली हड़ताल टली

Tue, 20 Jan 2015 10:21 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 20 Jan 2015 10:21 AM IST
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Proposed four-day bank strike from January 21 deferred

बैंकों के ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। बैंकों की बुधवार से प्रस्तावित चार दिवसीय हड़ताल टल गई है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) के महासचिव एसएस सिसौदिया ने बताया कि इंडियन बैंक एसोसिएशन ने सकारात्मक रुख दिखाया है और 3 फरवरी तक बातचीत के लिए आमंत्रित करने का संकेत दिया है। इसकी वजह से हड़ताल फिलहाल टाली जा रही है।  बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संयुक्त फोरम (यूएफबीयू) ने 21 से 24 जनवरी 2015 तक हड़ताल पर जाने का फैसला किया था। उल्लेखनीय है कि वेतन पुनरीक्षण की मांग को लेकर बैंक कर्मी आंदोलित हैं।

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यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के अध्यक्ष केके नायर के मुताबिक भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के अड़ियल रवैये की वजह से बैंककर्मियों को हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ रहा था। यूएफबीयू में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के नौ यूनियन शामिल हैं। हड़ताल में शामिल होने वाले बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक, स्टेट बैंक समूह के अन्य बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक और निजी क्षेत्र के कुछ बैंक हैं।
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ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) के महासचिव एसएस शिशोदिया ने बताया कि बीते सात दिसंबर की हड़ताल को बैंककर्मियों ने आईबीए के कहने पर टाल दी थी। लेकिन फिर आईबीए ने मामला सुलझाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। इसलिए बैंककर्मियों के पास हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। लेकिन एक बार फिर से हड़ताल को टाल दिया गया है
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उल्लेखनीय है कि वेतन पुनरीक्षण की मांग को लेकर बैंककर्मी आंदोलन की राह पर हैं। पहले इनकी मांग वेतन में 19 फीसदी की बढ़ोतरी की थी जबकि आईबीए 11 फीसदी बढ़ाने को तैयार था। बाद में आईबीए ने वेतन में 12.5 फीसदी बढ़ोतरी की बात कही तो बैंककर्मियों ने भी 16.5 फीसदी की मांग की। लेकिन इसके बाद आईबीए की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

ऑल इंडिया बैंक आफ बड़ौदा ऑफिसर्स एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य योगेन्द्र प्रसाद के मुताबिक बीते सात जनवरी की हड़ताल तो आईबीए के झांसे में आकर टाल दी गई थी


यदि 21 जनवरी से हड़ताल का आयोजन होती तो सरकारी बैंकों के एटीएम भी खाली हो जाते। स्टेट बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि एक एटीएम में एक बार में 25 लाख रुपये के नोट भरे जाते हैं। इसे खाली होने में कितना देर लगेगा। उसके बाद नोट कौन भरेगा क्योंकि सभी कर्मचारी तो हड़ताल पर होंगे।

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