फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   property in delhi will be expensive

दिल्ली में और महंगी हो जाएगी प्रॉपर्टी

Thu, 22 Nov 2012 12:11 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 22 Nov 2012 12:11 AM IST
विज्ञापन
property in delhi will be expensive

दिल्ली में मकान-दुकान खरीदना और महंगा हो जाएगा। प्रॉपर्टी बाजार में काले धन के लेनदेन पर लगाम कसने के लिए सरकार ने सर्किल रेट में 22 से लेकर 200 फीसदी तक की बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। दिल्ली में जमीन का न्यूनतम मूल्य 19.40 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर और अधिकतम 6.45 लाख रुपये तय किया गया है।

विज्ञापन


उपराज्यपाल से मंजूरी मिलने और अधिसूचना जारी होने के बाद नई दरें लागू हो जाएंगी। पिछले 21 महीने में सर्किल रेट तीन बार बढ़ाए गए हैं। दिल्ली सरकार ने फरवरी, 2011 में ए श्रेणी में दोगुना, नवंबर 2011 में ढाई गुना और अब 200 फीसदी की बढ़ोतरी की है। दिल्ली सरकार के अधिकारियों का कहना है कि सर्किल रेट में हर वर्ष वृद्धि का प्रावधान है। 2011 से पूर्व दो वर्ष कोई वृद्धि नहीं की गई थी।
विज्ञापन


राजस्व सचिव धर्मपाल ने बताया कि इससे न सिर्फ सरकार का राजस्व बढ़ेगा बल्कि प्रापर्टी खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता आएगी। काले धन का प्रवाह कम होगा। जो बाजार सर्वे कराए गए हैं, उससे अभी भी ए व बी श्रेणी में रेट कम हैं। हालांकि, राजनीतिक गलियारे से जुड़े लोगों का कहना है कि अगले वर्ष विधानसभा और फिर 2014 में लोकसभा के चुनाव हैं। उस समय सर्किल रेट बढ़ाने में सरकार को मुश्किल होती, इसलिए सर्किल रेट अब बढ़ाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


'वर्तमान में जायदाद के सौदे मौजूदा बाजार दर से बहुत कम मूल्य पर किए जा रहे हैं। काले धन के प्रवाह को रोकने के लिए यह सही समझा गया कि न्यूनतम सर्किल रेट को तर्कसंगत बनाया जाए। दिल्ली के मौजूदा सर्किल रेट एनसीआर के नोएडा, गुड़गांव और फरीदाबाद के मुकाबले बहुत कम हैं। इन शहरों में हर पांच-छह महीनों के बाद सर्किल रेट बढ़ाए जा रहे हैं।'
- शीला दीक्षित, मुख्यमंत्री, दिल्ली

कहां कितनी वृद्धि
श्रेणी ----- प्रतिशत
ए ----- 200
बी ----- 50
अन्य ----- 22

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed