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प्रमोशन में आरक्षण बिल का पारित होना तय

Mon, 17 Dec 2012 10:46 AM IST
चंदन जायसवाल/इंटरनेट डेस्क
चंदन जायसवाल/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 17 Dec 2012 10:46 AM IST
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Promotion reservation bill set to be passed
प्रमोशन में आरक्षण बहाली के लिए राज्यसभा में प्रस्तुत संविधान संशोधन विधेयक का आज पारित हो जाना तय माना जा रहा है। बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को बिल के पक्ष में वोटिंग करने के लिए व्हिप भी जारी कर दिया है। हालांकि, कांग्रेस और भाजपा का एक बड़ा तबका इसके पक्ष में नहीं है। बावजूद इसके दलित विरोधी तमगे से बचने के लिए दोनों दल साथ आ रहे है।
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इसी के साथ अब ये तय हो गया है कि समाजवादी पार्टी व शिवसेना को छोड़कर राज्यसभा में लगभग सभी दल संशोधन विधेयक को समर्थन देंगे।

दरअसल, समाजवादी पार्टी के विरोध को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे है। सपा ने जिस तरह 22 फीसद के लिए 78 फीसद की अनदेखी का मुद्दा छेड़कर सभी गैरदलित वोटों को एकजुट करने की कवायद शुरू की है उससे अन्य राजनीतिक दल भी पेशोपेश में है।
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बहुजन समाज पार्टी जहां इस विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार पर दबाव डाल रही है, वहीं समाजवादी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस विधेयक को पारित कराया गया तो वह सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को बाहर से समर्थन देने पर फिर से विचार करेगी।
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सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने शनिवार को लखनऊ में कहा था कि 'यदि सदन में मतदान कराया गया तो मैं सरकार को समर्थन देने पर फिर से विचार करूंगा।'

कांग्रेस सपा को नाराज नहीं करना चाहती, लेकिन अनुसूचित जाति और जनजाति के बीच गलत संदेश जाना उसके लिए परेशानी बन सकता है। ठीक यही स्थिति भाजपा के साथ भी है। कांग्रेस के ज्यादातर नेताओं की तरह भाजपा में भी इस मुद्दे पर ज्यादातर लोग विरोध में है, लेकिन सोशल इंजीनियरिंग की अपनी नीति के तहत पार्टी विरोध नहीं कर सकती।


दरअसल, प्रमोशन में आरक्षण को लेकर यूपी में माहौल गर्म है। उत्तर प्रदेश में आरक्षण विरोधी करीब 18 लाख कर्मचारी तीन दिनों से हड़ताल पर हैं। आरक्षण विरोधियों ने खुला ऐलान कर दिया है कि अगर बिल पास हुआ तो वो बीजेपी और कांग्रेस को अगले चुनावों में कड़ा सबक सिखाएंगे। जबकि आरक्षण समर्थक कर्मचारी ज्यादा समय तक कामकर विरोधियों के मंसूबे पर पानी फेरने के लिए कमर कसे हुए हैं।
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