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प्रमोशन में आरक्षण: यूपी में हड़ताल का व्यापक असर
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Fri, 14 Dec 2012 09:52 PM IST
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प्रमोशन में आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ बंद के ऐलान का शुक्रवार को प्रदेश में व्यापक असर दिखा।
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आरक्षण विरोधी कर्मचारी संगठनों के साझा मंच सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के आह्वान पर शुरू इस बेमियादी हड़ताल का राजधानी लखनऊ में सचिवालय सहित लगभग सभी विभागीय मुख्यालयों व जिलास्तरीय कार्यालयों में सन्नाटे की स्थिति रही।
लोक निर्माण, सिंचाई, कृषि, उद्यान, निर्माण निगम आदि कई विभागों में तालाबंदी रही। समिति ने प्रदेश में हड़ताल के व्यापक असर का दावा किया है। जिलों में भी प्रदर्शन हुए। उधर, आरक्षण समर्थक कर्मचारियों के संगठन आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने दावा किया है कि हड़ताल का बहुत असर नहीं रहा।
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दलित वर्ग के कर्मचारियों व अधिकारियों ने चार घंटा अतिरिक्त काम करके स्थिति को सामान्य बनाए रखा। आरक्षण विरोधियों ने अपने-अपने विभागों में सभाएं की। सभाओं में केंद्र सरकार, कांग्रेस व भाजपा सहित आरक्षण की पैरवी करने वाले दलों को प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति से बाज आने की चेतावनी दी।
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दोपहर में सभी कार्यालयों से कर्मचारी जुलूस निकालकर सभास्थल विधान भवन की ओर बढ़े। रास्ते में भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शनकारियों में शामिल कुछ कर्मचारियों का गुस्सा फट पड़ा। इन्होंने वहां लगे पोस्टरों में कुछ को फाड़ दिया।
भाजपा नेताओं के खिलाफ नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पार्टी मुख्यालय के भीतर जूते व चप्पल भी फेंके। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी नेताओं ने खुद ही आंदोलनकारियों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और सबको आगे बढ़ाया।
कितनी बार पलटेंगे कोर्ट का फैसला
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुुबे ने कहा कि वोट के लालच में कांग्रेस व भाजपा सहित कुछ दल सर्वोच्च न्यायालय से सामान्य व पिछड़े वर्ग के लोगों को मिले न्याय को फिर अन्याय में बदलने का षडयंत्र रच रहे हैं।
सामान्य व पिछड़े वर्ग के 18 लाख कर्मचारी व अधिकारी इनसे जानना चाहते हैं कि यह कब तक अन्याय करते रहेंगे। सामान्य व पिछड़े वर्ग के लोगों को सर्वोच्च न्यायालय से फिर न्याय मिला है। कांग्रेस व भाजपा जैसे दलों की कृपा से नहीं। वोट के लालच में फिर उसे पलटने के लिए विधेयक ले आया गया।
आरक्षण समर्थकों ने कहा, कोई असर नहीं
आरक्षण समर्थक कर्मचारियों के संगठन आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति (उ.प्र.) ने प्रमोशन में आरक्षण विरोधी कर्मचारियों की हड़ताल का कोई असर न होने का दावा किया है। समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा व के.बी. राम ने कहा कि आरक्षण समर्थक कर्मचारियों ने सभी जगह सुबह 8 बजे से कामकाज संभाल लिया था।
समिति की तरफ से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सुरक्षा की मांग के साथ ही आग्रह किया गया है कि वे सरकारी दफ्तरों पर जबरिया तालाबंदी रोकें। नेताओं ने दावा किया कि शक्तिभवन पर उन्होंने विभागाध्यक्षों से बातचीत कर ताला खुलवाया। लोक निर्माण विभाग सहित कुछ विभागों के ताले नहीं खोल गए। आरक्षण विरोधी कर्मचारियों ने कई जगह पॉवर हाउसों पर जबरदस्ती ताला डाल दिया।
डा. भीमराव अंबेडकर महासभा ने प्रमोशन में आरक्षण के समर्थन में सोमवार को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। समिति के संयोजकों ने आरोप लगाया है कि तमाम सरकारी विभागों में विभागाध्यक्ष हड़ताली कर्मचारियों व अधिकारियों की खुली मदद कर रहे हैं।