जानिए, गोपीनाथ मुंडे के बारे में
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महाराष्ट्र में भाजपा का 'चेहरा' माने जाने वाले गोपीनाथ मुंडे एक कुशल राजनेता के साथ साथ जमीन से जुड़े कार्यकर्ता भी थे। देखा जाए तो महाराष्ट्र में भाजपा की नींव मजबूत करने में गोपीनाथ का काफी बड़ा योगदान रहा है।
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता के रूप में सराहनीय भूमिका निभाने वाले मुंडे को महाराष्ट्र में एक कद्दावर ओबीसी नेता के रूप में जाना जाता था। कहा जाता था कि महाराष्ट्र में अगर भाजपा की रैली में भीड़ जुटानी है तो मुंडे को खड़ा कर दीजिए।
गोपीनाथ पिछले 40 सालों से भाजपा से जुड़े थे। वो 37 सालों से जनता के प्रतिनिधि के तौर पर चुनकर आते रहे हैं। महाराष्ट्र भाजपा और शिवसेना के गठबंधन की मुख्य नींव भी गोपीनाथ मुंडे ही थे क्योंकि शिवसेना के अध्यक्ष बाला साहेब ठाकरे से गोपीनाथ के करीब 22 साल पुराने संबंध थे।
कृषक परिवार में हुआ जन्म
गोपीनाथ मुंडे का जन्म नाथ्रा, महाराष्ट्र में एक कृषक परिवार पांडुरंग मुंडे के घर हुआ था। उनकी माँ का नाम लिंबाबाई मुंडे था। मुंडे की प्राथमिक शिक्षा नाथ्रा में ही कराई गई। इसके बाद उन्होंने आंबेजोगाई के योगेश्वरी शिक्षण संस्था स्वामी रामानंद तीर्थ महाविद्यालय में अध्ययन किया। उन्होंने वाणिज्य उपाधि प्राप्त की।
स्नातक की शिक्षा समाप्त करने के पश्चात गोपीनाथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गये और वहीं से उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद वे भाजपा के सदस्य बने और महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने लगे। 1980 से 2001 तक मुंडे विधानसभा के सदस्य रहे। इसी दौरान उन्हें राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
प्रमोद महाजन के बहनोई थे मुंडे
दिसंबर 2001 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। इसी साल महाराष्ट्र में बीड़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर गोपीनाथ लोकसभा पहुंचे।
गोपीनाथ का विवाह 21 मई 1978 को भाजपा नेता प्रमोद महाजन की बहन प्रज्ञा महाजन के साथ हुआ।गोपीनाथ के परिवार में तीन बेटियां पंकजा पालवे, डॉक्टर प्रीतम मते और यशश्री मुंडे हैं।