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नोटों को भी लगती है 'छूत' की बीमारी

Fri, 13 Dec 2013 03:06 PM IST
अमर उजाला, वाराणसी
अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 13 Dec 2013 03:06 PM IST
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problem with bundle of indian notes

छूत की बीमारी नोटों को भी लगती है। जंग और फफूंद लगा एक भी नोट किसी गड्डी में शामिल हो तो वह पूरी गड्डी को बरबाद कर देता है।

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ऐसे में जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया देश में साफ-सुथरे नोटों के संचालन पर जोर दे रहा है, इस तरह के नोट उसे परेशानी में डाल सकते हैं।

नमी वाले स्थानों पर रखे नोटों में ऐसी समस्या अक्सर उत्पन्न हो जाती है। बैंक के कैशियर इस तरह के नोटों को छांटकर अलग कर दे रहे हैं।

फफूंद लगने पर नोट पर जगह-जगह नीले धब्बे बन जाते हैं। कैशियर इस तरह के नोटों को छांटकर ग्राहकों को बता रहे हैं कि यह कोढ़ लगा नोट है। फफूंद से बचाने के लिए ही करेंसी चेस्ट में रखे नोट का हर तीन महीने पर विशेष उपचार किया जाता है।

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इतना ही नहीं, जंग भी नोटों की दुश्मन है। एक जंग लगा नोट पूरी गड्डी को बरबाद कर सकता है। दस और पचास के नोट में इसका असर साफ दिखता है, जबकि सौ और पांच सौ के नोट का रंग गाढ़ा होने से यह जल्दी दिखाई नहीं देता।
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बहुत बारीकी से देखने पर ही इसका पता लग पाता है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि नोटों को स्टेपल करना बंद होने से जंग की समस्या काफी हद तक कम हो गई है लेकिन अभी फफूंद की दिक्कत दूर नहीं हुई है।
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फफूंद अथवा जंग लगे नोटों के लिए रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों के करेंसी चेस्ट में अलग से काउंटर बनवाया है। यहां ग्राहकों से क्लेम फार्म भरवाकर फफूंद लगे नोट को रद्द कर उन्हें फ्रेश नोट दे दिया जाता है।

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एसबीआई की मुख्य शाखा में भी इस तरह की व्यवस्था की गई है। इलाहाबाद बैंक के पूर्व निदेशक आरबी चौबे के अनुसार, फफूंद अथवा जंग लगे नोटों को एकत्र कर आरबीआई को भेज दिया जाता है।


नोट की एंटीटर्माइड ट्रीटमेंट
करेंसी चेस्ट में रखे नोटों का हर तीसरे महीने एंटीटर्माइड ट्रीटमेंट किया जाता है। शाम के समय दवा का छिड़काव कर करेंसी चेस्ट बंद कर दिया जाता है। ट्रीटमेंट के दौरान करेंसी चेस्ट में मौजूद छिपकली, चूहा एवं अन्य जीव जंतु भी मर जाते हैं।

आरबीआई का नोट रिफंड रूल्स
रिजर्व बैंक ने ग्राहकों को खराब के बदले अच्छे नोट देने के लिए नियमावली बना रखी है। इसके तहत कटे-फटे, घिसे, जंग लगे, तेल लगे, रंग लगे, फफूंद लगे नोट को ग्राहकों से क्लेम फार्म भरवाकर बदल दिया जाता है।

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