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केरल मछुआरों की हत्या की जांच एनआईए के सुपुर्द

Mon, 01 Apr 2013 11:43 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 01 Apr 2013 11:43 PM IST
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probe into italian marines case handed over to nia

दो इतालवी नौसैनिकों द्वारा केरल के दो मछुआरों की हत्या के मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है।

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केरल पुलिस ने इन्हें पहले ही मछुआरों की हत्या का आरोपी मान कर गिरफ्तार कर लिया था। मगर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक समुद्री कानून से जुड़े इस मामले की जांच केरल पुलिस के अख्तियार में नहीं है।

कोर्ट ने इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने का आदेश दिया था। अदालत ने इसके मुकदमे के लिए विशेष अदालत के गठन का आदेश भी दिया था।

गृह मंत्रालय ने सोमवार को एनआईए को जारी आदेश में कहा है कि मामले की जांच नए सिरे से की जाए। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक एनआईए कानून के तहत इसकी हैसियत देश के समुद्री कानून के संरक्षक की भी है। यही मुख्य वजह है कि जांच की जिम्मेदारी सीबीआई की बजाय एनआईए को सौंपी गई है।
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भारत के सख्त रुख के बाद इतालवी नौसैनिक सल्वाटोर गिरोने और मासिमिलियानो लाटोरे 22 मार्च को नाटकीय अंदाज में भारत तो वापस आ गए, लेकिन इटली सरकार ने शर्त रखी है कि यह सजा भारत की जेल में नहीं बल्कि इटली की जेल में काटेंगे।
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उन्होंने यह शर्त भी रखी कि इन नौसैनिकों को मौत की सजा नहीं दी जाएगी और जब तक मुकदमा चलेगा यह जेल में नहीं बल्कि दिल्ली स्थित इटली दूतावास में रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक भारत ने इटली की इन शर्तों पर हामी भर दी है।

पिछले साल फरवरी में केरल के कोच्चि समुद्री इलाके में तैनात इतालवी नौसैनिकों ने मछुआरों के नाव पर गोली चला दी थी, जिसमें दो की मौत हो गई। केरल पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनकी दलील है कि इन्होंने मछुआरों की नाव को समुद्री लुटेरों का नाव समझ लिया था।


इस गिरफ्तारी के बाद इटली ने यह दलील दी कि यह घटना भारतीय समुद्री सीमा में नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में हुई। इसलिए यह मुकदमा भारत के बजाए इटली में चलना चाहिए। लेकिन भारत ने इटली की इन दलीलों को खारिज कर दिया है।

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