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कोर्ट पहुंचा प्रियंका गांधी का बेटा, क्या है पूरा मामला?

Sat, 28 Feb 2015 09:04 AM IST
Updated Sat, 28 Feb 2015 09:04 AM IST
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Priyanka Gandhi's son petition filed against four

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा ने अपनी प्रतिष्ठा नष्ट करने का आरोप लगाते हुए एक अंग्रेजी समाचार पत्र व दो हिंदी समाचार पत्रों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत ने तीनों समाचार पत्रों व समाचार लिखने वाले संवाददाता को समन जारी कर जवाब-तलब किया है।

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लेख में रेहान को राजनीतिक परिवार का उत्तराधिकारी बनाने की योजना के तहत राहुल गांधी की ओर से गोद लेने की अटकल जताई गई थी। रेहान ने अपनी मां प्रियंका वाड्रा के जरिये यह याचिका दायर की है। न्यायमूर्ति मनमोहन ने सभी को चार सप्ताह में अपना जवाब संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है।
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अदालत ने याची को भी अपने साक्ष्य पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष सुनवाई 28 अप्रैल व अदालत में 11 मई को सुनवाई तय की है।

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राहुल गांधी की ओर से गोद लिए जाने की बात कही गई

Priyanka Gandhi's son petition filed against four

याची के अधिवक्ता गोपाल सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अदालत को बताया कि हाल ही में इन समाचार पत्रों ने फर्जी व बदनीयती से उनके नाबालिग मुवक्किल को बदनाम करने के लिए एक लेख प्रकाशित किया।

इस लेख में कहा गया कि उनके मुवक्किल को उनके मामा राहुल गांधी राजनीतिक परिवार में उत्तराधिकारी की योजना को अंतिम रूप देने के इरादे से गोद ले सकते हैं। इस लेख से उनके मुवक्किल को शर्मिंदगी उठानी पड़ी।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा यह भी लिखा गया कि मामा ने स्कूल के फार्म में भी उनके मुवक्किल के अभिभावक के रूप में अपना नाम दर्ज करवाया था। यह तथ्य गलत व अपमानजनक है।

अखबार पर गलत तथ्य प्रकाशित करने का आरोप

Priyanka Gandhi's son petition filed against four

लेख प्रकाशित करने से पहले लेखक ने तथ्यों को सत्यापित करने का प्रयास नहीं किया। स्पष्ट है कि उनको यह जानकारी थी कि वे गलत तथ्य प्रकाशित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सरासर उनके मुवक्किल की गोपनीयता व अधिकारों का उल्लंघन है। इस लेख से उनके मुवक्किल को मानसिक प्रताड़ना के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक व भावनात्मक रूप से नुकसान उठाना पड़ा है।

हालांकि बाद में सभी ने अपनी वेबसाइट से लेख को हटा लिया व एक समाचार पत्र ने अपने गलत कृत्य के लिए तो माफी भी मांग ली है। उन्होंने अदालत से कहा कि तीनों समाचार पत्र व एक अन्य लेखक के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

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