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राहुल विरोधी लॉबी को ध्वस्त करने में जुटी प्रियंका

Mon, 11 Aug 2014 11:46 AM IST
धीरज कनोजिया/अमर उजाला, नई दिल्ली
धीरज कनोजिया/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 11 Aug 2014 11:46 AM IST
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Priyanka Gandhi debunk the rahul anti-lobby

प्रियंका गांधी के कांग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी नहीं संभालने के ऐलान से राहुल गांधी के खिलाफ अंदरखाने माहौल को हवा देने वाले कई बुजुर्ग नेताओं को निराशा हाथ लगी है।

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सूत्रों का कहना है कि प्रियंका ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल की सलाह के बाद ही इन बुजुर्ग नेताओं की कोशिशों को विफल करने के लिए पार्टी में जिम्मेदारी संभालने को लेकर फैलाई जा रही खबरों का जोरदार खंडन किया।
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कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि सोनिया, राहुल और प्रियंका पिछले कई दिनों से पार्टी के कुछ नेताओं के सुनियोजित तरीके से कांग्रेस उपाध्यक्ष को बैकफुट पर खड़ा करने की कोशिशों से बेहद नाराज हैं।

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प्रियंका ने लगाया अटकलों पर विराम

Priyanka Gandhi debunk the rahul anti-lobby

प्रियंका को पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने की पैरवी हो या फिर राहुल गांधी के चुनाव में किए गए प्रयोगों और उनकी सलाहकार टीम के सदस्यों की आलोचना।

कांग्रेस हाईकमान का मानना है कि पार्टी के अंदर एक वर्ग लगातार ऐसे काम कर पार्टी उपाध्यक्ष को असहज करने की कोशिश में जुटा है।

राहुल के एक करीबी नेता ने बताया कि सोनिया, राहुल और प्रियंका इस बात को जानते हैं और आगामी संगठन फेरबदल में इन नेताओं को बाहर का दरवाजा दिखाया जा सकता है।

हाईकमान को कुछ पक्षों ने शिकायत भी की है कि मीडिया में नियोजित तरीके से पार्टी उपाध्यक्ष के खिलाफ खबरें दी जा रही हैं।

बड़ी जिम्मेदारी नहीं संभालने का ऐलान

Priyanka Gandhi debunk the rahul anti-lobby

चुनाव जीतने की जिम्मेदारी पार्टी के पदाधिकारियों खासकर महासचिवों की थी। लेकिन मीडिया के जरिए ऐसी स्थिति पेश की गई है कि लोकसभा चुनाव में हार कांग्रेस की सलाहकार मंडली की वजह से हुई।

सूत्रों का कहना है कि राहुल भी खुद इस बात से नाराज हैं कि आंतरिक चुनाव के जरिए उम्मीदवार चयन करने के तरीके यानी प्राइमरी की प्रणाली को भी निशाना बनाया गया।

जबकि ये प्रयोग कुछ ही लोकसभा सीटों पर किए गए थे। इसे ऐसे दिखाने की कोशिश की गई कि मानो सभी सीटों पर ही राहुल ने ये प्रयोग आजमा दिया हो।

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